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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में “संगइती कार्यक्रम”

Lens Eye - News Portal -  अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में "संगइती कार्यक्रम"राँची, झारखण्ड 7 मार्च  2014 ::  अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में  विकास भारती, राँची के परिसर, आरोग्य भवन-1, बरियातु, राँची में संस्था द्वारा संचालित इकाई जन शिक्षण संस्थान के द्वारा अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के उपलक्ष्य में ‘संगइती कार्यक्रम’ आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्य रूप से स्वयं सहायता समूह की हजारों महिलाएं सम्मिलित हुईं। इस अवसर पर शहर में यातायात व्यवस्था सम्हालने वाली महिला पुलिसकर्मियों एवं गुलाबी आॅटो चालकों को सम्मानित किया गया। जन शिक्षण संस्थान, राँची की निदेशक श्रीमती रंजना कुमारी ने कहा कि वीरांगनाओं का स्वागत सम्मान राँची में पहली बार हो रही है। सूक्ष्म विनियोग, बंगलादेश में व्यापक आकार लेने के बाद हमारे देश में भी यह विकसित हो रही है। संगइती का परंपरा झारखण्ड में प्राचीन काल से चल रही है जो सामूहिकता का स्वरूप है।
विकास भारती के सचिव अशोक भगत ने सभा को सम्बोधित करते हुए कहा कि महिलाएं हमेशा अग्रणी एवं ताकतवर रही हैं। ग्रामीण क्षेत्र में महिलाएं स्वयं सहायता समूह बनाकर तरक्की कर रही हैं। विकास भारती का यह प्रयास रहा है कि महिलाओं का आर्थिक विकास हो एवं वे स्वावलम्बी व स्वाभिमानी बनें।
नाबार्ड के डी.जी.एम. बी.के. दास ने कहा कि गुलाबी गैंग का नाम तो सुना था पर गुलाबी आॅटो चालक पहली बार देखा और सुना। उन्होंने स्वयं सहायता समूहों के लिए दिशा-निर्देश प्रदान करते हुए इनका वित्तीय समावेशन एवं माइक्रो फाइनांस पर चर्चा किया। आंध्र प्रदेश, तमिलानाडु जैसे राज्यों में एस.एच.जी.-2 चल रहा है जो एक आंदोलन का रूप ले लिया है। झारखण्ड में इस दिशा में काम करने वालों में एकता नहीं है। कठिन परिश्रम के द्वारा वैज्ञानिक विधि से कार्य करते हुए इस दिशा में सफलता पाया जा सकता है।
मुख्य अतिथि श्रीमती मीरा मुण्डा ने महिलाओं की सफलता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि 32 वर्षों के बाद पंचायत चुनाव में महिलाओं की भागीदारी प्रशंसनीय रहा। यहां बच्चियां एवं महिलाएं एनिमिक हैं। डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराईयों को दूर करने के लिए शिक्षा एवं स्वास्थ्य के दिशा में हमें विकसित होना है।
युनिसेफ के स्टेट हेड जाॅब जकारिया ने देश, समाज व राज्य के विकास के लिए महिला सशक्तिकरण को प्राथमिकता देने की जरूरत बताया। उन्होंने कहा अभी भी झारखण्ड में 50 प्रतिशत लड़कियां बाल विवाह का शिकार हैं तथा 15 प्रतिशत लड़कियां इन्टरमीडिएट तक पहुँच पाती हैं।
मंजूषा देखमुख ने उपस्थित महिलाओं को गीत के माध्यम से सबल नारी से सबल राष्ट्र होने का मंत्र दिया। समारोह को राँची के उपमहापौर  संजीव विजयवर्गीय, डाॅ॰ अजय सिंह, सूचना आयोग के पूर्व सदस्य गंगोत्री कुजूर, वार्ड सदस्य सुजाता कच्छप, एस.पी.एम. चम्पा तिग्गा, गुलाबी आॅटो चालकों की अध्यक्ष आरती बहेरा, सेव द चिल्ड्रेन के प्रतिनिधि ने भी सम्बोधित किया। श्रीमती नीपा दास ने मंच संचालन किया एवं श्रीमती शोभा पांडे ने धन्यवाद प्रदान किया। कार्यक्रम को सफल बनाने में बसंत ओहदार, राजेश कुमार मिश्रा, बन्धन हेम्ब्रम, राखी कुमारी भगत, नेहा कुमारी की सराहनीय भूमिका रही।

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