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झारखण्ड के 68 प्रतिशत ग्रामीण घरों में बिजली नहीं

Laltenमई 11, 2015 ::  झारखण्ड के लगभग 68 प्रतिशत ग्रामीण घरों में बिजली उपलब्ध नहीं है। केन्द्रीय विद्युत, कोयला एवं नवीन और नवीनीकरण उर्जा मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार देखने वाले राज्य मंत्री पियूष गोयल ने राज्य सभा में मई 11, 2015 को सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में यह बताया।

मंत्रीजी ने बताया कि 2011 की जनगणना के अनुसार झारखण्ड राज्य में ग्रामीण घरों की कुल संख्या 46,85,965 है, जिसमें से 15,14,050 घरों को बिजली दी गई है, जबकि 31,71,915 घरों को विद्युतिकरण में शामिल करना बाकी है।

मंत्रीजी ने यह भी बताया कि 2011 की जनगणना अनुसार देश में बसे हुए गांवों की संख्या 5,97,464 थी जिसमें से मार्च 31, 2015 तक 5,79,012 गांवों का विद्युतिकरण किया गया था। झारखण्ड में गावों की संख्या 29,492 थी, जिसमें से 28,585 गांवों में बिजली है, जबकि 907 गांवों का विद्युतिकरण बाकी है, ऐसा मंत्रीजी ने बताया।

मंत्रीजी ने यह भी बताया कि भारत सरकार ने दिसंबर, 2014 में 43,033 करोड़ रूपए के साथ दीन दयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना (डी.डी.यू.जी.जे.वाई.) को अनुमोदन प्रदान किया है। पूर्व की राजीव गांधी ग्रामीण विद्युतिकरण योजना (आर.जी.जी.वी.वाई.) को डी.डी.यू.जी.जे.जे.वाई. में स्कीम के आरई घटक के रूप में समाहित किया गया है। इस स्कीम के अंतर्गत, जनसंख्या मानदण्ड पर ध्यान दिए बिना, सभी गैर विद्युतिकरण गांवों-वास स्थलों को स्कीम के दिशा-निर्देशों के अनुसार विद्युतिकरण हेतु शामिल किया जा सकता है। डी.डी.यू.जी.जे.वाई. (पूर्व की आर.जी.जी.वी.वाई.) के आरई घटक के अंतर्गत झारखण्ड राज्य में मार्च 2014 में 4,71,972 बी.पी.एल घरों को निःशुल्क बिजली के कनेक्शन जारी किए जाने को शामिल करते हुए 12वीं योजना में 17 परियोजनाओं को संस्वीकृति दी गई है। इसके अलावा, देश में 2013-14 के दौरान 8830 गैर विद्युतिकृत गांवों के विद्युतिकरण को शामिल करते हुए 12वीं योजना में 273 परियोजनाओं को मंजूरी दी गई थी।

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