दूरदर्शन केन्द्र,रांची का प्रसारण सेटेलाईट पर नहीं होने से झारखण्ड की सवा तीन करोड़ की आबादी केबुल और सेटेलाईट पर दूरदर्शन का कार्यक्रम नहीं देख पाती : रघुवर दास [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]
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दूरदर्शन केन्द्र,रांची का प्रसारण सेटेलाईट पर नहीं होने से झारखण्ड की सवा तीन करोड़ की आबादी केबुल और सेटेलाईट पर दूरदर्शन का कार्यक्रम नहीं देख पाती : रघुवर दास [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]

दूरदर्शन केन्द्र,रांची का प्रसारण सेटेलाईट पर नहीं होने से झारखण्ड की सवा तीन करोड़ की आबादी केबुल और सेटेलाईट पर दूरदर्शन का कार्यक्रम नहीं देख पाती : रघुवर दास [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]नई दिल्ली, 05 जनवरी 2014 :: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने माननीय मंत्री, सूचना एवं प्रसारण,भारत सरकार अरूण जेटली से मुलाकात कर रांची दूरदर्शन का प्रसारण 24 घंटे सेटेलाईट के माध्यम से करवाने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार का प्रत्यक्ष संवाद,स्थानीय कला-संस्कृति की अभिवृद्धि एवं विकास कार्यक्रमों के प्रचार प्रसार और उसमें आमजनों की भागीदारी की महत्ता को देखते हुए दूरदर्शन केन्द्र,रांची का प्रसारण 24 घंटे सेटेलाईट के माध्यम से किया जाना आवश्यक है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरदर्शन केन्द्र,रांची का प्रसारण सेटेलाईट पर नहीं होने से झारखण्ड की सवा तीन करोड़ की आबादी केबुल और सेटेलाईट पर दूरदर्शन का कार्यक्रम नहीं देख पाती है। दूरदर्शन के कार्यक्रम शहरों के दर्शक इसलिये नहीं देख पा रहे हैं क्योंकि केबल वाले भी उसका प्रसारण नहीं करते इसी कारण सरकार के विकास कार्यक्रम एवं सरकार के संदेष झारखण्ड और झारखण्ड से बाहर के दर्शक नहीं देख पाते हैं

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले कुछ सालों में टेलिविजन प्रसारण की तकनीक में अभूतपूर्व प्रगति हुई है। सुदूूर देहातों में भी लोग डिश एंटेना,केबुल टीवी के माध्यम से टेलिविजन देखते हैं। ऐसे में दूरदर्शन केन्द्र रांची का केबुल पर उपलब्ध न होना एक कमी को रेखांकित करती है। दूरदर्शन केन्द्र रांची की स्थापना 25 सितम्बर 1984 को की गई थी। परन्तु इसके बाद अस्तित्व में आए पटना,भोपाल,चंडीगढ़ और लखनऊ जैसे केन्द्र का प्रसारण सैटेलाईट से बहुत पहले ही आरम्भ हो चुका है। परन्तु रांची का नहीं।

 कृषि दर्षन, गांव-गिरांव, स्वास्थ्य चर्चा, स्वस्थ भारत, स्वच्छ भारत जैसे कार्यक्रम झारखण्ड के आम जनों तक पूरी तरह नहीं पहुंच पा रहे हैं। ये सभी कार्यक्रम माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यापक अभियान के महत्वपूर्ण हिस्सा है। इन ज्ञानवर्धक कार्यक्रमों के साथ-साथ लोग अपने राज्य के मनोहारी नृत्य,संगीत तथा प्राकृति दृश्यों का आनन्द भी नहीं ले पा रहे हैं क्योंकि इन सारे कार्यक्रमों के प्रसारण हेतु रांची दूरदर्शन केन्द्र के पास मात्र चार घंण्टे का समय है,जो पर्याप्त नहीं है। अतः इसके 24 घण्टे की प्रसारण की आवश्यक ता तीव्रता से महसूस की जा रही है।

माननीय केन्द्रीय मंत्री सूचना एवं प्रसारण अरूण जेटली ने मुख्यमंत्री की बातों को गम्भीरता पूर्वक लिया एवं आश्वस्त किया कि इस दिषा में आगे कार्रवाई की जाएगी। केन्द्र हर सम्भव सहयोग को तैयार है।

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