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पिछले तीन सालों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों को रू. 7,910 करोड़ की छात्रवृत्ति

02-Scholarshipमई 2, 2015 :: केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने पिछले तीन सालों में अनुसूचित जाति के छात्रों को रू. 7,910 करोड़ की छात्रवृत्ति एवम् नाणाकीय सहायता प्रदान की है। इसमें से झारखण्ड में अनुसूचित जाति के छात्रों को रू. 38.20 करोड़ की और गुजरात में रू. 191.20 करोड़ की छात्रवृत्ति और सहायता प्रदान की गई। केन्द्रीय सामाजिक न्याय और अधिकारिता का स्वतंत्र प्रभार देखने वाले राज्य मंत्री विजय साम्पला ने राज्यसभा में अप्रैल 30, 2015 को सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में यह बताया।

मंत्रीजी ने बताया कि सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय ने अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के शैक्षणिक विकास के लिए पांच योजनाएं कार्यान्वित की है। इन पांच योजनाओं में मेट्रिकोत्तर छात्रवृत्ति योजना, कक्षा में अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियांे के लिए मेट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति, सफाई तथा स्वास्थ के लिए जोखिम पूर्व व्यवसायों में लगे व्यक्तियों के बच्चों के लिए मेट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति, बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना और अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों का योग्यता उन्नयन शामिल है।

Nathwaniश्री परिमल नथवाणी यह जानना चाहते थे कि पिछले तीन सालों में अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए कितनी योजना परिचालित की गई है एवम् इसमें कितना खर्च किया गया है।

मंत्री जी ने बताया कि अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए मेट्रिकोत्तर योजना में देश के विभिन्न राज्यों में कुल रू. 5771.52 करोड़ दिए गये। उसमें से रू. 23.17 करोड़ झारखण्ड में और रू. 147.99 करोड़ गुजरात में दिए गये। पिछले तीन सालों में 9 और 10वीं कक्षा में अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए मेट्रिक-पूर्व छात्रवृत्ति अंतर्गत रू. 1,991.93 करोड़ दिए गये, उसमें से रू. 12.03 करोड़ झारखण्ड में और रू. 23.56 करोड़ में दिये, ऐसा मंत्रीजी ने बताया।

मंत्रीजी ने यह भी बताया कि बाबू जगजीवन राम छात्रावास योजना अंतर्गत झारखण्ड को रू. 2 करोड़ कन्या छात्रावास और रू 1 करोड़ कुमार छात्रावास के लिए तथा गुजरात को रू. 2.55 करोड़ कन्या छात्रावास और रू. 4.09 करोड़ कुमार छात्रावास के लिए दिए गये।

मंत्रीजी ने बताया कि इन पांच योजनाएं के अलावा चार केन्द्रीय क्षेत्र योजनाएं कार्यान्वित है, जिसमें अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए राजीव गांधी राष्ट्रीय अध्येतावृत्ति, विदेश में उच्चतर अभ्यास हेतु राष्ट्रीय समुद्रपारीय छात्रवृत्ति योजना, पहचान की गई व्यवसायिक शिक्षा की प्रमुख संस्थाओं में अध्ययन करने वाले अनुसूचित जाति के विद्यार्थियों के लिए उत्कृष्ट श्रेणी योजना और अनुसूचित जाति और अन्य पिछड़ा वर्ग विद्यार्थियांे के लिए निःशुल्क कोचिंग योजना सम्मिलित है।

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