Lens Eye - News Portal - पिछले दो दशक में मीडिया के क्षेत्र में सम्पूर्ण क्रान्ति का सूत्रपात हुआ : संजय राठी [ उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ]
Latest News Top News

पिछले दो दशक में मीडिया के क्षेत्र में सम्पूर्ण क्रान्ति का सूत्रपात हुआ : संजय राठी [ उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ]

Lens Eye - News Portal - पिछले दो दशक में मीडिया के क्षेत्र में सम्पूर्ण क्रान्ति का सूत्रपात हुआ : संजय राठी [ उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ]नई दिल्ली, 20 फरवरी  2014 ::  पिछले दो दशक में मीडिया के क्षेत्र में सम्पूर्ण क्रान्ति का सूत्रपात हुआ है। जिसके कारण हमारा पूरा समाज भारी बदलाव के दौर में है। इसके अलावा मनोरंजन के क्षेत्र का भारी विस्तार हुआ है। पूरी दुनिया की सभ्यता और संस्कृति के सेतू के रूप में मीडिया अपनी अहम भूमिका निभा रहा है। भारत देश में आज लगभग 93985 पंजीकृत प्रकाशन हैं। इनके अलावा 850 समाचारों के टी.वी. चैनल पंजीकृत तथा 437 गैर-समाचारों की श्रेणी के टी.वी. चैनल पंजीकृत हैं। इसके साथ ही सरकारी क्षेत्र के प्रसार-भारती के 37 टीवी चैनल काम कर रहे हैं। दूसरी ओर 250 एफ.एम. रेडियो स्टेशन तथा भारी संख्या में इंटरनेट वेबसाईट्स मौजूद हैं। यह विचार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष संजय राठी ने नई दिल्ली के मेटकॉफ हाऊस स्थित रक्षा वैज्ञानिक सूचना तथा प्रलेखन केंद्र (डेसीडॉक) में आयोजित एकदिवसीय हिन्दी कार्यशाला में बतौर विशिष्ट अतिथि रखे।

            राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय राठी ने आगे कहा कि सामुदायिक विकास, कुरीतियों की रोकथाम, जागरूकता, शिक्षा, स्वास्थ्य, वैज्ञानिक दृष्टिकोण पैदा करने तथा जनजागृति में मीडिया की भूमिका बेहद प्रभावी है। इसके अलावा जनभावनाओं व समस्याओं को प्रशासन एवं शासन तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण कार्य भी मीडिया द्वारा किया जाता है। जिससे शासन व प्रशासन जनभावनाओं के अनुरूप नीतियां एवं कार्यक्रम बनाने व लागू करने में सुगमता रहती है।

            संजय राठी ने कहा कि मीडिया से समाज को काफी उम्मीदें हैं। जन आन्दोलनों को आवाज देकर मीडिया उन्हें प्रेरित करता है, जिससे व्यापक जनभागीदारी सुनिश्चित हो पाती है। जब अन्याय व शोषण के शिकार हताश लोग मीडिया के सहयोग से ही अपनी आवाज बुलन्द कर पाते हैं। इसलिये समाज के विकास में मीडिया की अहम भूमिका है।

            नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के उपाध्यक्ष संजय राठी ने आगे कहा कि पूरी दुनिया को मीडिया ने छोटा कर दिया है। टीवी, इन्टरनेट एवं समाचार पत्रों के माध्यम से पूरी दुनिया की महत्वपूर्ण सूचनाएं, जानकारियां एवं घटनाक्रम से हम लगातार जुड़े रहते हैं। जिससे हमारा ज्ञानवर्धन हो पाता है। इसके साथ ही रेडियो, फिल्में एवं साहित्य के माध्यम से भी मानव सभ्यता के विकास को विस्तार मिला है। मीडिया ने पूरी दुनिया को वैश्विक गांव का रूप दे दिया है।

            एन.यू.जे. उपाध्यक्ष ने कहा कि पेड न्यूज के प्रचलन के चलते मीडिया की विश्वसनीयता प्रभावित हुई है। पेड न्यूज के कारण दर्शकों एवं पाठकों में भ्रम पैदा होता है, जो पूरे लोकतान्त्रिक ढांचे के लिए भारी खतरा है। केन्द्र सरकार और चुनाव आयोग पेड न्यूज के प्रचलन की रोकथाम के लिये प्रयासरत है।

            इस अवसर पर मुख्य अतिथि डॉ. दलेल सिंह ने मृदा संरक्षण एवं सतत कृषि में सूक्ष्म जीवियों की भूमिका पर अपना शोध पत्र प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि सूक्ष्म जीव हमारे जीवन चक्र के अभिन्न अंग हैं, तथा उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है। इसलिए हमें उनके सकारात्मक एवं नकारात्मक उपयोग को समझना चाहिए।

            भाषा विशेषज्ञ प्रख्यात लेखक डॉ. डी.डी. ओझा ने कहा कि हिन्दी हमारी राजभाषा है जो पूरी दुनिया में लगभग एक अरब लोगों द्वारा बोली जा रही है। हिन्दी दुनिया की समृद्धतम भाषा है। इसलिए दुनिया का ज्ञान-विज्ञान एवं साहित्य राजभाषा हिन्दी में उपलब्ध होना चाहिए ताकि हमारी युवा पीढ़ी इसका पूर्ण लाभ उठा सके। हिन्दी भाषा पर हमें गर्व होना चाहिए और इसका निर्बाध रूप से प्रयोग करना चाहिए। दुनिया भर के 136 विश्वविद्यालयों में हिन्दी भाषा पढ़ाई व सिखाई जा रही है, यह हमारे लिए गर्व की बात है।

            संस्थान के निदेशक सुरेश कुमार जिंदल ने समकालीन विज्ञान को राजभाषा हिन्दी में लाने की आवश्यकता पर बल दिया। फूलदीप कुमार ने जनसंचार की विभिन्न विद्याओं पर प्रकाश डालते हुए विस्तार से प्रकाश डाला। इस अवसर पर सुरेश कुमार जिंदल को विज्ञान भास्कर तथा फूलदीप कुमार को विज्ञानश्री अवार्ड से सम्मानित किया गया।

            इस कार्यशाला में लगभग 150 वैज्ञानिकों एवं तकनीकीविदों ने भाग लिया। इस अवसर पर अशोक कुमार, वैज्ञानिक जी ने धन्यवाद ज्ञापित किया। अशोक कुमार, नरेश कुमार ने कार्यशाला के आयोजन में सक्रिय योगदान दिया।

Share

Leave a Reply