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प्राकृतिक संस्थानों का प्राइवेटाइजेशन या कांट्रेक्टाइजेशन नहीं बल्कि कम्युनिटाइजेशन करना जरूरी : जलपुरुष राजेंद्र सिंह

Lens Eye - News Portal - प्राकृतिक संस्थानों का प्राइवेटाइजेशन या कांट्रेक्टाइजेशन नहीं बल्कि कम्युनिटाइजेशन करना जरूरी : जलपुरुष राजेंद्र सिंहराँची, 24 अक्टूबर 2013 ::  राज्य ग्रामीण विकास संस्थान [ सर्ड ] हेहल में ग्रामीण क्षेत्रों में जल प्रबंधन पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सेमिनार की शुरूआत हुई। मैगसेसे पुरस्कार विजेता जलपुरुष राजेंद्र सिंह ने कहा कि हमें  नदियों,  तालाबों को पुनर्जीवित करने वाली नीति लागू करने की दिशा में काम करना होगा। देश में पेयजल सुरक्षा अधिनियम बनाने की जरूरत है। उन्होंने नदियों,  तालाबों को प्रदूषण से बचाने और उसे आदर देने की अपील की।
राजेंद्र सिंह ने जल प्रबंधन के देशज एवं पारंपरिक तरीकों को बढ़ावा देने तथा समुदाय की भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक संस्थानों का प्राइवेटाइजेशन या कांट्रेक्टाइजेशन नहीं बल्कि कम्युनिटाइजेशन करना जरूरी है। इस अवसर पर उन्होंने एक जल.जन घोषणा पत्र भी जारी किया।
सर्ड निदेशक आर.पी.सिंह ने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में बेहतर जल प्रबंधन के माध्यम से ही झारखंड का विकास संभव है।
कार्मिक एवं प्रशासनिक विभाग के प्रधान सचिव श्री एस.के. सत्पथी ने कहा कि प्रकृति ने हमें बहुत कुछ दिया है। लेकिन हम पानी के संचयन और इसके उपयोग के मामले में सजग नहीं हैं। उन्होंने स्थानीय समुदाय की भागीदारी बढ़ाए जाने की बात कही।
यूनिसेफ के झारखंड प्रमुख  जॉब जकारिया ने कहा कि साफ पेयजल और उसकी उपलब्धता झारखंड और हमारे देश के लिए बड़ी चुनौती है। विश्व बैंक की एक रिपोर्ट कहती है कि देश के सकल घरेलू उत्पाद की छह प्रतिशत राशि का नुकसान स्वच्छ पेयजल के अभाव में हो रहा है। डायरिया बीमारी की 88 प्रतिशत वजह साफ पानी का अभाव है।
ग्रामीण विकास विभाग के सचिव  अरुण ने कहा कि झारखंड में पर्याप्त बारिश होती है। इसका हम संग्रहण और उपयोग नहीं कर पा रहे हैं। इसे ध्यान में रखते हुए झारखंड में प्रत्येक पंचायत के एक.एक गांव के लिए योजना बनी है।
इस दौरान झारखंड में जल संग्रहण के प्रयासों के लिए चर्चित  सिमोन उरांव को  सिंह ने सम्मान पत्र देकर सम्मानित किया।
सेमिनार में पर्यटन निदेशक सिद्धार्थ त्रिपाठी, अतिरिक्त मुख्य वन प्रधान संरक्षक डी के श्रीवास्तव, इग्नू केंद्र प्रभारी वाई बी प्रसाद, सर्ड के उप.निदेशक महादेव धान सहित कई अधिकारी उपस्थित थे।

Source :: IPRD, Jharkhand

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