बृन्दावन में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय सन्त चिंतन बैठक से लौटे डा. बर्मन
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बृन्दावन में आयोजित दो दिवसीय अखिल भारतीय सन्त चिंतन बैठक से लौटे डा. बर्मन

Lens Eye - News Portal - मुंबई में होने वाली भारतीय सन्तों की चिंतन बैठक में भाग लेंगे डा. सुनील बर्मन [ स्वामी दिब्यानन्द ]रांची, झारखण्ड 01 दिसम्बर  2014 ::  दो दिवसीय अखिल भारतीय सन्त चिंतन बैठक समापन के पशचात डा. सुनिल बर्मन ‘स्वामी दिब्यानन्द‘ राॅंची लौटै, संपूर्ण भारत से भाग लेने आये सन्तों में डा. बर्मन झारखन्ड से अकेले प्रतिभागी थे।
धर्म जागरण समन्वय विभाग के द्वारा आयोजित श्रीकृष्ण कृपा धाम, परिक्रमा मार्ग, बृन्दावन में की गई थी। इस दौरान गंगा यमुना में बढ रहे प्रदूषण, युवा पीढी के संस्कारों में आ रहे भटकाव, सेवा कार्य, धर्मान्तरण और गौरक्षा जैसे मुददों पर संतों ने गहन चिंतन किया। धर्मान्तरण और गौहत्या को रोकने के लिये पंभावी रण नीति बनाने की बात भी कही गई। इस दौरान बैठक में 15 सूत्रीय प्रस्ताव भी पारित किया गया। खास कर आदिवासी एवं पूर्वोतर राज्यों में अभियान को धार दिया जाना चाहिये।बृन्दावन में आयोजित दो दिवसीय  अखिल भारतीय सन्त चिंतन बैठक से लौटे डा. बर्मन गंग्रा यमुना को प्रदूषण मुक्त बनाने के लिये सरकार पर दबाव बनाये रखने की भी बात कही गई।बच्चों को धार्मिक संस्कार प्रदान करने और युवाओं में नैतिकता एवं देश सेवा की भावना को बढाना होगा। धर्मान्तरण रोकने के लिये सन्तों को गांव गांव जाकर लोगों को शिक्षित करने और समरसता का भाव फैलाने की बात पर भी जोर दिया गया। साथ ही समाज में छूआ छूत जैसी भ्रम को भी दूर करने की आवशयकता पर भी जोर डाला।
झारखंड से एकमात्र डा. सुनील बर्मन, विभिन्न राज्यों के संत महात्मा, बिशेष रुप से महामंडलेशवर स्वामी विश्वेशवरानन्द, महामंडलेशवर गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानन्द, महामंडलेशवर परमात्मानन्द के अलावे सैकडों संत उपस्थित थे। समापन समारोह में संतो के अलावे विहिप के अन्तर्राष्टीय महामंत्री दिनेश जी ने संतो के मंच पर मत्था टेक कर अपना अभिवादन प्रकट किया।

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