राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की धरातल पर क्रियान्वयन कराने में पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका : जाॅनसन टोपनो [ स्टेट मैनेजर, पैक्स ]
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राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की धरातल पर क्रियान्वयन कराने में पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका : जाॅनसन टोपनो [ स्टेट मैनेजर, पैक्स ]

राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की धरातल पर क्रियान्वयन कराने में पैक्स की महत्वपूर्ण भूमिका : जाॅनसन टोपनो [ स्टेट मैनेजर, पैक्स ]गुमला, झारखण्ड 17 जनवरी 2015 ::  राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना की धरातल पर क्रियान्वयन कराने में पैक्स ( पुअरेस्ट एरिया सिविल सोसाइटी ) की महत्वपूर्ण भूमिका है. पैक्स ने गुमला, सिमडेगा व पश्चिम सिंहभूम में लाभूकों को स्वास्थ्य बीमा कार्ड बनाने में सहयोगियों ने बढ चढकर काम किया है. यह बातें पैक्स के स्टेट मैनेजर जाॅनसन टोपनो ने कही.  श्री टोपनो पैक्स द्वारा जन उत्सव कार्यक्रम के दूसरे दिन कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे. यह कार्यक्रम कार्तिक उरांव काॅलेज के परिसर में आयोजित किया जा रहा है.

श्री टोपनो ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना यानि आरएसवीवाई में कई कमजोर तबकों के लोगों का इलाज कराया गया. जिनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे, उन्हें संगठन के सहयोगियों ने अस्पताल तक पहुंचाया.

इस मौके पर एनएचआरएम के राज्य सहिया समन्वयक अकाई मिंज ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से आम लोगों को लाभ मिला है. झारखंड के लोगों को आसानी से इलाज सुविधाएं उपलब्ध हो, इसके लिए यह योजना तैयार की गयी है. झारखंड में इसके क्रियान्वयन में कई संस्थाएं काम कर रही है.

कार्यक्रम के दूसरे दिन न्यूट्रीशन के संबंध में पैक्स के धीरज होरो ने कहा कि न्यूट्रीशन यानि पोषण योजना में आंगनबाड़ी सेविकाएं महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है. न्यूट्रीशन को जीविकापार्जन से जोड़ना होगा. तब ही बच्चों को उचित मात्रा में न्यूट्रीशन मिल पायेगा.

इस मौके पर एकजूट, श्रमजीवी समिति व विकास भारती के वक्ताओं ने कहा कि पोषण में सुधार होना जरूरी है. आंगनबाड़ी सेविकाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है. वर्ष 2013-14 में उन्मूखीकरण कार्यक्रम के तहत कार्यकर्ताओं को कई सारी महत्वपूर्ण बातें बतायी गयी. किशारियों के पोषण के लिए कैलेंडर बनाया गया. स्वयंसेवी संस्था एकजुट द्वारा एक विडियो फिल्म भी दिखायी गयी, जिसमें पोषण से संबंधित कई जानकारी दी गयी.

कार्यक्रम में दूसरे सभागार में झारखंड में वनाधिकार के क्षेत्र में हुए कामों पर चर्चा की गयी. वनाधिकार अधिनियम बनने के बाद झारखंड में बहुत ही कम लोगों को वनों के पट्टे मिले हैं. झारखंड में वनाधिकार की स्थिति पर चर्चा करने के लिए रांची से आये विशेषज्ञों ने भाग लिया. इसमें सुधीर पाल, घनश्याम, बलराम सहित कई वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित किया.

कार्यक्रम में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना से संबंधित गुमला अस्पतालों का विडियो, आरएसवीवाई, आरएसवीवाई-2, आरएसवीवाई मित्र, वनाधिकार से संबंधित कई मुद्दो पर चर्चा की गयी.

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