संथाल परगना में विकास की बयार बहेगी :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री झारखण्ड ]
Latest News Politics Top News

संथाल परगना में विकास की बयार बहेगी :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री झारखण्ड ]

 संथाल परगना में विकास की बयार बहेगी :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री झारखण्ड ]दुमका, झारखण्ड | जुलाई | 23, 2015 ::  220/132 केवी ग्रिड सब-स्टेशन दुमका एवं 220 केवी, दुमका-रूपनारायणपुर संचरण को लोकार्पित करते हुए झारखण्ड के मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने कहा कि संथाल परगना में विकास की बयार बहेगी। इसे कोई रोक नहीं सकता। क्योंकि जनता विकास चाहती है और विकास के लिए जनता ने हमें सत्ता दी है। संताल परगना के सभी छः जिलों में 180 मेगावाट बिजली आपूर्ति बहाल होगी और 15 सितम्बर से पाकुड़ ग्रीड सब स्टेशन के चालू होने पर 350 मेगावाट बिजली जनता को मिलेगी। मधुपुर ग्रीड सब स्टेशन 15 अगस्त तक चालू हो जाएगा। इस तरह समयबद्ध तरीके से हम उर्जा की समस्या को दूर करेंगे। 2019 तक 2400 मेगावाट बिजली तथा 2022 तक 4000 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। एन. टी. पी. सी.  के अलावा टी. वी.एन.एल. के एक और यूनिट के माध्यम से बिजली उत्पादन को बढ़ावा दिया जाएगा। उन्होनं कहा कि पिछले 14 वर्षांे में बिजली उत्पादन पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। हमारी सरकार बिजली मुहैया तो करेगी ही साथ ही साथ विद्युत के उत्पादन को भी बढ़ावा देगी।

रघुवर दास ने कहा कि कार्यक्रम से पूर्व मदनपुर सब स्टेशन क्षेत्र के 10 गांवों के युवकों ने विकास के लिए बिजली के लिए अपनी मांग रखी अटल ग्रामीण विद्युतिकरण योजनाओं के तहत विद्युतीकरण का कार्य कल से ही शुरू हो जाएगा। इन गावों में इस योजना के तहत विद्युत आपूर्ति की जाएगाी। उन्होंने कहा कि पिछले 14 वर्षों से झारखण्ड विद्युत की समस्याआंे से जूझ रहा है तथा बिजली विभाग की उदासीनता भी जगजाहिर रही है। किन्तु अब माहौल बदल गया है। अब समयबद्ध तरीके से कार्य होगा और सरकार का कोई विभाग जन मुद्दों पर उदासीन नहीं रहेगा। मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि विकास के लिए सब मिल कर काम करें। विपक्ष की भूमिका भी विकास के लिए सकारात्मक हो। राजनीति का ध्येय या सत्ता का ध्येय विकास होना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संथाल परगना की बदहाली को सरकार में आने से पहले मैंने बहुत करीब से महसूस किया है। मैंने यह संकल्प लिया यदि मैं सत्ता में आऊँगा तो संथाल परगना का काया कल्प होगा। मुख्यमंत्री ने 15 अगस्त से 12000 पोषण सखी की बहाली तथा सितम्बर माह तक प्राथमिक शिक्षकों की नियुक्ति, अस्पतालों में डाॅक्टर की बहाली, 15 नवम्बर तक इन्टर एवं महाविद्यालयों में शिक्षकों कि नियुक्ति, कस्तुरबा गांधी बालिका विद्यालयों में हर बच्चों को टैबलेट सहित हर क्षेत्र में विकास के कार्य को बढ़ावा दिया जाएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि अशिक्षा के साथ महिलाओं में प्राप्त कुपोषण को दूर करना मेरा ध्येय है। अनुसुचित जनजाति ग्राम विकास योजना के तहत 4000 गांवों में सम्पूर्ण विकास कार्य किया जाएगा। अनुसुचित जनजाति स्वयं सहायता समूहों को 2 लाख रू0 तथा प्रशिक्षण दिया जाएगा। इन गांवों की तस्वीर और तकदीर दोनो बदलेगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीवन में कुछ करने का ध्येय लेकर सबको देश सेवा के लिए आगे आना चाहिए।

इस अवसर पर समाज कल्याण मंत्री, डाॅ. लोईस मरांडी, श्रम मंत्री राज पलिवार तथा कृषि एवं पशुपालन मंत्री रणधीर सिंह, पूर्व उप मुख्यमंत्री स्टीफन मरांडी तथा जामा की स्थानीय विधायिका श्रीमती सीता सोरेन ने भी सभा को संबोधित किया और इस लोकार्पण को संथाल परगना के हित में एक अविस्मरणीय पहल बताया।

इस अवसर पर उर्जा विभाग के प्रधान सचिव, एस. के. जी. राहटे, संचरण के मुख्य महा प्रबंधक सुनील कुमार, संताल परगना के आयुक्त, एल. खियांग्ते, पुलिस उप महानिरीक्षक, दुमका के उपायुक्त एवं पुलिस अधीक्षक उपस्थित थे।

Share

Leave a Reply