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संस्थाओं को दक्षता प्रदान कर रहा है पैक्स

रांची, झारखण्ड 27 जनवरी 2014 :: मनरेगा का तात्पर्य समाज के अंतिम व्यक्ति को 100 दिनों का रोजगार दिलाना है. पैक्स अपने सहयोगी संस्थाओं के साथ काम मांगों अभियान चला रही है. झारखंड के 13 जिलों में काम मांगो अभियान के तहत लोगों ने मनरेगा में काम मांगे हैं. पैक्स झारखंड के कई स्वंयसेवी संस्थाओं को दक्षता प्रदान कर रहा है. जिससे समाज के अंतिम व्यक्ति तक योजनाओं के संबंध में जानकारी उपलब्ध हो. यह बातें पैक्स के स्टेट मैनेजर जाॅनसन टोपनो ने कही. श्री टोपनो सोमवार को संवाददाता सम्मेलन को संबोधित कर रहे थे.
श्री टोपनों ने कहा कि पैक्स के तहत एक लाख लोगों ने काम मांगो अभियान के तहत काम मांगे हैं. आने वाले समय में झारखण्ड के सभी जिलों में सरकार के साथ पैक्स मनरेगा के तहत काम मांगों अभियान चलायेगा.
श्री टोपनो ने बताया कि झारखण्ड के पं सिंहभूम, पाकुड, देवघर, गिरिडीह, जामतारा, पलामू, चतरा, बोकारेा, गुमला, साहेबगंज, दुमका और लोहरदगा जिलों में मनरेगा के तहत काम कराये जा रहे हैं. इसका उद्देश्य समाज के अंतिम तपके को रोजगार उपलब्ध कराना है.  श्री टोपनो ने कहा कि मनरेगा के तहत मजदूरों को कई अधिकारी प्राप्त होने चाहिए.
इस मौके पर प्रोग्राम आॅफिसर धीरज कुमार होरो ने कहा कि राज्य में मनरेगा के तहत कई सफल प्रयोग किये गये हैं. इसमें मनरेगा के तहत गिरिडीह जिले के 10 प्रखंडों में संसाधन केंद्र खोले गये हैं. इसमें शिकायतें दर्ज की जाती है और उसका निष्पादन किया जाता है. रिसोर्स सेंटर ट्रेनिंग सेंटर के रूप में भी काम कराये जा रहे हैं.
चेतना विकास के कार्यक्रम पदाधिकारी रानी कुमारी ने कहा कि मनरेगा से लोगों का जीवन स्तर उठ रहा है. विकलांग और महिलाओं के अनुसार काम का चयन किया जा रहा है. देवघर में चेतना विकास महिलाओं और विकलांगों को काम मांगों अभियान के तहत लोगों को जागरूक कर रहा है.
जन आस्था के सचिव मनोरंजन ने कहा कि पैक्स से जुडी संस्था समाज के मूलभूत आवश्यकताओं पर काम कर रहा है. शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे कई मुद्दों पर काम कर रहा है.. गांवों में ग्राम विकास समिति और विकलांग समिति को गठन किया जा रहा है. सामाजिक सुरक्षा के तहत काम कराये जा रहे हैं. लोग अपने अधिकारों को लेकर जागरूक हो, जिससे अपने अधिकार वह मांग सकें.

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