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आजसू पार्टी के केंद्रीय महाधिवेशन में 29 प्रस्ताव पारित

AJSUरांची, झारखण्ड ।  मार्च | 19, 2017 :: आजसू पार्टी के केंद्रीय महाधिवेशन के आखिरी दिन 29 राजनीतिक प्रस्तावों को सर्वसम्मति से मंजूरी दी गयी। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता डॉ देवशरण भगत ने सिलसिलेवार ढंग से प्रस्तावों को पढ़ा, जिस पर खुले सत्र में उपस्थित हजारों पदाधिकारियों ने सहमति जतायी। इसके साथ ही जिला कमेटियों ने भी इस पर हामी भरी।

*           झारखंड में पूर्ण शराबबंदी हो।

*          पंचायती राज व्यवस्था को अधिकार के तहत सशक्त किये जायें, ताकि ग्राम गणराज्य की व्यवस्था हो सके।

*          सीएनटी-एसपीटी एक्ट में संशोधन के प्रस्ताव पर तत्काल रोक लगे, ताकि आदिवासियों मूलवासियों की जमीन की सुरक्षा के साथ जनभावना का ख्याल रखा जा सके।

*          युवाओं को बेरोजागारी भत्ता देना सरकार सुनिश्चत करे।

*          पार्टी पश्चिम बंगाल के मिदनापुर, बाकुंड़ा, पुरुलिया और उड़ीसा के क्योंझर, संबलपुर, सुंदरगढ़. मयूरभंज को मिलाकर वृहद झारखंड के निर्माण के लिए संघर्ष तेज करेगी।

*          इन क्षेत्रों को झारखंड में शामिल किये जाने तक इन इलाकों में स्वायत परिषद का गठन करने की वकालत।

*          झारखंड में भ्रष्टाचार मुक्त पारदर्शी शासन तथा समतामूलक शोषमविहीन समाज की स्थापना हो।

*          झारखंड में विधानपरिषद का गठन शीघ्र हो।

*          पार्टी द्वारा तैयार प्रस्ताव के अनुरूप आंदोलनकारियों के सूचीकरण, मुकदमा वापसी, पुनर्वास, रोजगार एवं सम्मान प्रदान करने की कार्रवाई हो।

*          अल्पसंख्यक वित्त निगम, आयोग तथा पंद्रह सूत्री कार्यान्वयन समिति का गठन शीघर हो तथा 592 मदरसों के लिए वित्त रहित अनुदान स्वीकृत की जाये। ऊर्दू शिक्षकों की बहाली सरकार सुनिश्चित करे।

*          आदिवासी की अहर्ता रखने वाली विभिन्न जातियों को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल किया जाये तथा आर्थिक तौर पर गरीब परिवार चाहे वह किसी भी वर्ग का हो उसे विकास की मुख्य धारा में जोड़ने के कारगर कदम उठाये जाये।

*          हर प्रखंड में महिला थाना की व्यवस्था के साथ राजनीति में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित हो तथा कल कारखानों में महिलाओं को पचास फीसदी जगहों पर काम मिले।

*          आरक्षण नीति में संशोधन के तहत एसटी को 26 से बढ़ाकर 32, एससी को 10 से बढ़ाकर 14 फीसदी तथा पिछड़ी जाति को 14 प्रतिशत से बढ़ाकर 27 प्रतिशत आरक्षण दिये जायें।

*          जिला और राज्य स्तरीय नियुक्ति में शत प्रतिशत वैसे लोगों को नौकरी दी जाये, जिनके अपने या पूर्वजों के नाम जमीन बासगीत आदि का उल्लेख हो।

*          कर्मचारी चयन आयोग, जेपीएससी की नियुक्ति प्रक्रिया में जनजातीय तथा क्षेत्रीय भाषा में पर्याप्त ज्ञान वाले के लिये लिखित तथा इंटरव्यू में अंक निर्धारिक किये जायें।

*          राज्य में क्षेत्रीय और जनजातीय भाषा परिषद का गठन हो।

*          औद्योगिक कोरीडोर के बजाय कृषि कोरीडोर बनाये जायें तथा होल्डिंग टैक्स मे वृद्धि तत्काल प्रभाव से वापस लिये जायें।

 

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