30वाँ राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 01 सितम्बर 2015 को
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30वाँ राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 01 सितम्बर 2015 को

30वाँ राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा 01 सितम्बर 2015 कोरांची, झारखण्ड । अगस्त । शुक्रवार | 28, 2015 ::  01 सितम्बर 2015 को राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा कार्यक्रम का आयोजन मोराबादी मैदान में कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल की चैरिटी इकाई कश्यप मेमोरियल आई बैंक के तत्वाधान में राष्ट्रिय व्यापार मेला के परिसर में आयोजित किया जाएगा । विषय प्रवेश करते हुए डॉ. भारती कश्यप ने बताया कि इस वर्ष राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़े में हमने नेत्रदान जागरूकता अभियान में रूरल झारखण्ड एवं ट्राईवल झारखण्ड पर विशेष ध्यान दिया है।

30वाँ राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा में भारतीय किसान संघ के साथ मिल कर नामकुम, चान्हो एवं मांडर में ह्यूमन ट्रैफिकिंग के शिकार बच्चों के लिए मेगा आई चेकअप एवं चश्मा वितरण कैंप का आयोजन किया गया. नामकुम के कैंप में 177 लड़कियों का स्क्रीनिंग किया गया जिसमे से 2 लड़कियों में रेटिनल प्रॉब्लमए 2 लड़कियों में कन्जेक्टावल जेरोसिस, 2 लड़कियों में स्क़ुइन्ट पाया गया तथा 40 लड़कियों को चश्मा जाँच के लिए कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में भेजा गया जहाँ जाँच के उपरांत उन्हें निःशुल्क चश्में भी दिये गए । चान्हो के कैंप में 155 लड़कियों का स्क्रीनिंग किया गया जिसमें से 32 लड़कियों को चश्मा जाँच के लिए कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में भेजा गया जहाँ जाँच के उपरांत उन्हें निःशुल्क चश्में भी दिये गए । मांडर के कैंप में 124 लड़कियों का स्क्रीनिंग किया गया जिसमे से 4 लड़कियों में कन्जेक्टावल जेरोसिस, 1 लड़की में स्क़ुइन्ट पाया गया इसके साथ ही 30 लड़कियों को चश्मा जाँच के लिए कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में भेजा गया जहाँ जाँच के उपरांत उन्हें निःशुल्क चश्में भी दिये गए ।

इसके साथ ही साथ राँची जिला प्रशासन के साथ मिल कर सांसद आदर्श ग्राम मेगा हाईटेक कैम्पेन के तहत परासी, बड़ाम और हहाप में कैंप लगया गया जिसके अंतर्गत 1050 लोगों की जाँच की गई जिस में से 200 लोगों में रिफ्रेक्टिव एरर पाया गया एवं 74 लोगों में मोतियाबिंद पाया गया लेकिन अज्ञानता वस् उस में से सिर्फ 20 लोगों का ही निःशुल्क मोतियाबिंद ऑपरेशन किया जा सका । परासी कैंप में 38 लोगों को मोतियाबिंद के लिए चयनित किया गया था लेकिन जागरूकता के आभाव के करण सिर्फ 2 मरीज ही ऑपरेशन के लिए आये । परासी कैंप से आये 2 लोगों में एक बच्चा था जो मोतियाबिंद होने के करण पढ़ई नहीं कर पा रहा था लेकिन कश्यप मेमोरियल आई हॉस्पिटल में ऑपरेशन के बाद वह अब फिर से पढ़ पा रहा है ।

डॉ. भारती कश्यप ने बताया कि कश्यप मेमोरियल आई बैंक के द्वारा अब तक मरणोपरांत कुल 400 नेत्र प्राप्त हो चुके हैं जिनमें से 340 नेत्रों का सफलतापूर्वक प्रत्यरोपण किया जा चूका है ।

इस अभियान से जुड़कर नेत्रदान करनेवाले  परिवारों को महामहिम गवर्नर द्रोपती मुर्मू द्वारा सम्मानित किया जायेगा .

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