भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने झारखण्ड में पांच कृषि और समग्र देश में 101 कृषि विज्ञान केन्द्रों को मंजूरी दी

भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने झारखण्ड में पांच कृषि और समग्र देश में 101 कृषि विज्ञान केन्द्रों को मंजूरी दीनवंबर 26, 2016 :: भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने झारखण्ड राज्य में पांच कृषि विज्ञान केन्द्र मंजूर किये हैं और समग्र देश में 101 कृषि विज्ञान केन्द्रों को मंजूरी दी हैं। यह किसान विज्ञान केन्द्र गैर सरकारी संगठनों (एनजीओ) के प्रशासनिक नियंत्रण में कार्यरत हैं। पिछले चार साल में गुजरात राज्य में कृषि क्षेत्र में कार्यरत एनजीओ को कृषि विज्ञान केन्द्रों के कार्यकलापों के लिए रू.20.59 करोड की धनराशि और समग्र देश में रू. 366.02 करोड की धनराशि उपलब्ध कराई गई है। केन्द्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री  एस.एस. अहलुवालिया ने नवंबर 25, 2016 को राज्य सभा सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

मंत्रीजी के अनुसार, सामान्यतः एन.जी.ओ एवम् कृषि क्षेत्र से जुडे स्वयं सहायता समूहों को भारत सरकार द्वारा प्रत्यक्ष रुप से सहायता प्रदान नहीं की जाती है। राज्य कुछ योजनाओं एवम् कार्यक्रमों के तहत ऐसी सहायता उपलब्ध कराने के लिए स्वतंत्र हैं, ऐसा बताया गया। भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद ने गुजरात राज्य में सात कृषि विज्ञान केन्द्र मंजूर किये है। ये केन्द्र देवघर, गोड्डा, गुमला, हजारीबाग और रांची में कार्यरत हैं।

सदन में प्रस्तुत मंत्रीजी के जवाब के अनुसार, पिछले एक साल के दौरान, एन.जी.ओ के तहत केवीके ने 22,842 ऑन फॉर्म परीक्षणों एवम् अग्रपंक्ति प्रदर्शनों का संचालन किया, 5.87 लाख किसानों एवम् विस्तार कर्मचारियों को प्रशिक्षण प्रदान किया। इसके अतिरिक्त इन केवीके ने 902.67 टन बीजों, 59.15 लाख टन रोपण सामग्रियों एवम् किसानों को इसकी उपलब्धता के लिए 48.04 लाख पशुधन नस्लों एवम् फिंगरलिंग्स का उत्पादन किया, ऐसा भी बताया गया।

श्री नथवाणी देश में कृषि क्षेत्र से संबंधित गैर-सरकारी संगठनों और स्वयं सहायता समूहों को दी गई वित्तीय सहायता और उनके द्वारा की गई प्रवृत्तियों के बारे में जानना चाहते थे।

मंत्रीजी के अनुसार, एन.जी.ओ द्वारा संचालित ये केन्द्र समेत देश के सभी केन्द्रों के कार्यों की समीक्षा नियमित आधार पर वैज्ञानिक सलाहकार समितियों के आयोजन, कार्यशालाओं की समीक्षा एवम् खेतों के दौरों के द्वारा की जाती है और अनुसंधान परियोजनाओं के कार्यकलापों की समीक्षा पंचवर्षीय समीक्षा टीमों द्वारा एवम् परियोजना केन्द्रों की समीक्षा कार्यशालाओं के आयोजन के द्वारा भी की जाती है।

Leave a Reply