दीपक वहां जलाये जहाँ अँधेरा और गरीबी है : रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखंड ]

20-raghuvar-dasरांची, झारखण्ड । अक्टूबर । 20, 2016 :: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि दीपावली पर हमें ऐसे जगह दीया जलाना है, जहां अंधेरा है। गांव में हमें समृद्धि लाना है। गरीबों के घर में भी दीपावली बने इसका प्रयास हम सब करें। इस साल हमें स्वदेशी को बढ़ावा देने का संकल्प लेना है। कुम्हार के बनाये दीये और महिला स्वयं सहायता समूह द्वारा तैयार मोमबत्ती आदि की ही खरीदारी करें। यह बातें मुख्यमंत्री श्री रघुवर दास ने कहीं। श्री दास जेसोवा द्वारा आयोजित दीवाली मेला 2016 के उदघाटन के बाद लोगों को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इस तरह के आयोजनों से इस प्रयास में मदद मिलेगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया को बढ़ावा देने के लिए हमें मेक इन झारखंड पर विशेष जोर देने की जरूरत है। हमारे शिल्पकारों को बढ़ावा देने, डिजाइनिंग, निर्माण व ब्रांडिंग में उन्हें हमें मदद करनी है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, सभी राज्य का संपूर्ण विकास संभव होगा। त्योहारों में हमें अपने संस्कृति और परंपरा को नहीं भूलना चाहिए।

मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि प्रधानमंत्री की सोच है दुनिया बाजार बनेगा मेक इन इंडिया के लिए.उधार की शक्ति से हम शक्तिशाली नही बन सकते. हम भी दुनिया भर में अपने उत्पाद की  मार्केटिंग कर कर सकते है. हमारे यहाँ भी अच्छे शिल्पकार है .अगर आप चाहते है कि भारत की ग्रामीण अर्थब्यवस्था मजबूत हो तो ग्रामीनों द्वारा बनाये गए उत्पाद और कुम्हार के बनाये हुवे दीये जरूर ख़रीदे। सरकार गरीब और आदिवासी लोगो के लिए समर्पित है।हर जिले में अर्बन हाट बनेगा,जहां गाँव के स्वयं सहायता समूह और ग्रामीणों द्वारा बनाये गए उत्पादों की बिक्री होगी।

मुख्यमंत्री श्री दास ने देश के लिए शहीद होनेवाले वीर जवानों की शहादत को नमन करते हुए कहा कि झारखंड सरकार दुमका स्थित सिदो-कान्हू पार्क को शौर्य स्मारक के रूप में विकसित करेगी। यहां संथाल के शहीद वीर जवानों को याद किया जायेगा। उनके नाम और उनके द्वारा बनायी गयी कृति के बारे में बताया जायेगा। इसी तरह रांची स्थित बिरसा मुंडा जेल को छोटानागपुर के वीर शहीदों के नाम किया जायेगा। इससे हमारी आनेवाली पीढ़ी भी अपने शहीदों की वीरता और बलिदान को जान सकेगी।

सीएनटी एक्ट में संशोधनों पर विभिन्न दलों द्वारा उठाये जा रहे सवाल पर उन्होंने कहा कि झारखंड को खरीद सके, ऐसा कोई पैदा नहीं हुआ है। और किसी की ताकत नहीं है कि झारखंड को बेच दे। कुछ राजनीतिक दल लोगों को बरगलाने का काम कर रहे हैं। सरकार ने सीएनटी एक्ट की मूल भावना से छेड़छाड़ नहीं की है। हमने प्रक्रिया को आसान बनाया है। इसके लिए पहले जनजाति परामर्शदात्री परिषद की बैठक में इसकी मंजूरी ली गयी है। विकास विरोधी लोग इसका विरोध कर रहे हैं। आज हमारे 30 लाख परिवारों को बिजली नहीं मिल पायी है। हमें 258 बिजली सबस्टेशन और ग्रिड बनाने हैं। गांवों में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए अस्पताल, आंगनबाड़ी केंद्र, स्कूल आदि बनाने हैं। इन सब चीजों के लिए जमीन की आवश्यकता है। जमीन का अधिग्रहण भी ग्राम सभा की मंजूरी के बाद हो सकेगा। मुआवजा प्रक्रिया जो अभी दो साल में पूरी होती है, उसे चार माह में पूरा किया जा सकेगा। गरीबों को समय से मुआवजे की राशि मिल जायेगा।

कार्यक्रम में अपर मुख्य सचिव एन0एन0 पांडेय, प्रधान सचिव संजय कुमार, सचिव सुनील कुमार बर्णवाल, जेसोवा की अध्यक्ष श्रीमती नीलम पांडेय समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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