गांवों का विकास होगा तभी राज्य का विकास होगा :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखंड ]

 गांवों का विकास होगा तभी राज्य का विकास होगा :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखंड ]रांची, झारखण्ड । दिसम्बर । 17, 2016 :: मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि ग्राम  उद्योग आधारित अर्थव्यवस्था के द्वारा अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है और  गांधी जी के इसी सोच के साथ हमें गांवों का विकास करना है। उन्होंने कहा कि गांवों का विकास होगा तभी राज्य का विकास होगा। श्री दास आज रांची के मोरहाबादी मैदान में आयोजित खादी एवं सरस महोत्सव 2017 का उद्धाटन के पश्चात लोगों का संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि महात्मा गांधी ने स्वभाषा, स्वधर्म और स्वदेशी को विकास का मूलमंत्र माना था, लेकिन दुर्भाग्यवश हम आज तक उनके सपने को पूरा नहीं कर पाये,लेकिन हमे अब इसे पूरा करना है। हमें उनका अनुसरण करने के साथ ही उनकी बातों का अनुकरण भी करना होगा।सरकार इस सोच के साथ कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि खादी इस दिशा में एक बहुत बड़ा कदम है। हमें ग्रामोद्योग को बढ़ावा देना है। झारखंड से लोगों का पलायन रोकने के लिए मध्यम,लघु और कुटीर उद्योग को स्थापित किया जाएगा,तभी गांवो से बेरोजगारी खत्म हो पाएंगी।

श्री दास ने कहा कि आनेवाले बजट बेरोजगारी मिटाने वाला और गरीबी दूर करने वाला होगा। उन्होंने कहा कि सरकार सभी को नौकरी नहीं दे सकती,लेकिन राज्य के युवाओं को हुनरमंद जरूर बना सकती है और खादी बोर्ड के माध्यम से इस दिशा में कार्य किया जा रहा है। सरकार कौशल विकास के माध्यम से युवाओं को प्रशिक्षित करेगी। अगले बजट में गरीबी दूर करने के लिए लोगों को स्वरोजगार से जोड़ने से संबंधित योजनाएं लायी जायेंगी। महिलाओं का कौशल विकास किया जायेगा। हर प्रखंड में डेयरी फार्म खोला जायेगा। महिलाओं को गाय दी जायेंगी। मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि गरीबी के कारण हम अपने धर्म और संस्कृति को नहीं छोड़ सकते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड को लाह, तसर और हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र अग्रणी बनाना है और जल्द ही इस  सरकार इस दिशा में बोर्ड/निदेशालय का गठन करेगी । उन्होंने कहा कि गुणवत्ता मे सुधार हेतु विशेषज्ञों के निदेशन में लाह और तसर का उत्पादन बड़े स्तर पर किया जाएगा। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और युवाओं को इससे जोड़ा जायेगा। इनके द्वारा तैयार उत्पादों को अंतरराष्ट्रीय मेलों में प्रदर्शित कर दुनिया में झारखंड के उत्पादों से परिचित कराया जायेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही उद्यमी सखी मंडल का गठन किया जाएगा और इनके द्वारा उत्पाद की ब्रांन्डिग की जाएगी। हमें झारखंड के उत्पाद को विश्व में लोकप्रिय करना है।

महाराष्ट खादी बोर्ड और उड़ीसा खादी बोर्ड के अध्यक्ष के मेले में आने पर  मुख्यमंत्री ने उनकी तारीफ करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री जी के सपने को साकार करने की दिशा में  दोनों राज्य  झारखंड का साथ दे रहे है और राज्यों के बीच समन्वय स्थापित करने दिशा में कार्य कर रहे है। ओड़िशा और महाराष्ट्र के खादी बोर्ड के साथ मिलकर मधुमक्खी पालन को बढ़ावा देने की दिशा में काम किया जायेगा। दूसरे राज्यों की अच्छी नीतियों को अपनाने की जरूरत है। ग्रामोद्योग से ही गांवों का विकास संभव है।

मुख्यमंत्री श्री दास ने कैशलेस अभियान में लोगों बढ़-चढ़ कर हिस्सा लेने पर बधाई देते हुए कहा कि कालाधन, भ्रष्टाचार, कुशासन से मुक्ति की मुहिम में सभी को साथ चलना होगा। जो मोबाइल, कार्ड के माध्यम से लेन-देन में दक्ष हैं, वे पांच लोगों को शिक्षित करें।

कार्यक्रम में नगर विकास मंत्री  सी. पी. सिंह  ने कहा कि खादी स्वदेशी,स्वरोजगार और स्वालंबन का सूचक है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक भारतीय को अपने जीवन में खादी अपनाने का संकल्प लेना होगा तभी हम गांधी जी के सपने को पूरा कर पाएंगे।

अपने स्वागत संबोधन में झारखंड खादी बोर्ड के अध्यक्ष  संजय सेठ ने कहा कि इस बार मेले में 11 हेंगर में 550 से ज्यादा स्टॉल लगाये गये है और मेले में आने वाले लोगों को फ्री वाईफाई की सुविधा दी जाएगी साथ ही मेले में कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए स्टॉलों में ई-पॉस मशीन भी लगाये गये है।

कार्यक्रम में बच्चों ने खादी से बने वस्त्रों का फैशन शो के माध्यम से प्रदर्शन किया।

कार्यक्रम में सांसद  महेश पोद्दार, पद्मश्री अशोक भगत, महाराष्ट्र खादी बोर्ड के अध्यक्ष  विशाल चोरदिया, ओड़िशा खादी बोर्ड के अध्यक्ष तेजेश्वर परिदा, विधायक  नवीन जायसवाल,  रामकुमार पाहन, श्रीमती गंगौत्री कुजूर समेत अन्य लोग उपस्थित थे।

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