Make Panchayats Child Friendly :: Moira Dawa [ Communication Officer, UNICEF ]
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Make Panchayats Child Friendly :: Moira Dawa [ Communication Officer, UNICEF ]

Make Panchayats Child Friendly :: Moira Dawa [ Communication Officer, UNICEF ]Ranchi, Jharkhand, May 14, 2015 :: A day long orientation on child rights and the Child Reporters’ programme was organized for Panchayati Raj Institution (PRI) members by UNICEF on 12 and 14 May in Ranchi.

PRI members are the link between the community and the Government and have an important role to ensure schemes related to children reach every household in every village. Communities and decision makers such as PRI members can protect children from rights abuses. The orientation programme sought to give PRI members knowledge about the child reporters’ programme &child protection issues. It sought their support in protectingchildren from rights abuses.Make Panchayats Child Friendly :: Moira Dawa [ Communication Officer, UNICEF ]Ms. Moira Dawa, Communication Officer, UNICEF said, “We call on PRI members to make their panchayats child friendly Panchayats. You can support child rights by raising children’s issues in the Gram Sabha, Panchayat Samiti and Zilla Parishad meetings. You can make your Panchayat a model panchayats in the state with 100% birth registration, institutional delivery, immunization coverage, school enrolment; and by eliminating open defecation, malnutrition among children, child marriage, child labour and child trafficking in your villages.”Make Panchayats Child Friendly :: Moira Dawa [ Communication Officer, UNICEF ]Jaywanti Tirkey, member of Panchayat Samiti in Angara said, “I plan to organize a special gram sabha to orient parents on child rights and a bal sammelan for children and young people to raise their awareness about violence and abuse. We will ensure no child marriage is solemnized in our village and if any such case is reported we shall counsel the parents and if they do not agree, the help of the law enforcement agencies will be sought.”

A number of suggestions were brought forth by the participants during the workshop including weekly hygiene and sanitation campaigns; orientation of villagers on health, nutrition, sanitation and protection issues during gram sabha; mata baithaks & SHG meetings; monthly monitoring of schools; and celebration of Kishore-Kishori Diwas to empower children with information about violence/abuse and protection measures available for them.Make Panchayats Child Friendly :: Moira Dawa [ Communication Officer, UNICEF ]UNICEF supports the Child Reporters programme in 6 districts – Ranchi, East Singhbhum, West Singhbhum, Simdega, Giridih & Latehar. The programme seeks to increase child participation in issues related to their well-being. It also creates a forum for children’s voices to be heard.

The programme was attended by Satish Girija, President, Nav Bharat Jagriti Kendra (NBJK) and over 60 PRI members from across Ranchi.

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रांची, झारखंड, 14 मई 2015 :: यूनिसेफ ने पंचायती राज सदस्यों को बाल अधिकार और बाल पत्रकार कार्यक्रम की जानकारी देने के लिए 12 एवं 14 मई को दो बैच में एक उन्मुखीकरण कार्यक्रम का आयोजन किया।

पंचायती राज सदस्य समुदाय और सरकार के बीच एक माध्यम होते हैं। बच्चों से संबंधित योजनाओं को प्रत्येक गांव के प्रत्येक घरों तक पहुंचाने में इनकी भूमिका महत्वपूर्ण होती है। समुदाय और पंचायत सदस्य गांवों में बच्चों के अधिकारों के हनन को रोक सकते हैं। उन्मुखीकरण कार्यक्रम का उद्देश्य पंचायती राज सदस्यों को बाल पत्रकार कार्यक्रम और बच्चों की सुरक्षा के मुद्दों की जानकारी देना था।

यूनिसेफ की कम्यूनिकेशन आॅफिसर, मोइरा दावा ने पंचायती राज सदस्यों से अपने पंचायत को बाल मित्र बनाने का आह्वान करते हुए कहा कि, ‘‘ आप ग्राम पंचायत, पंचायत समिति और जिला परिषद की बैठक के दौरान बच्चों के अधिकारों के मुद्दों को उठाकर बाल अधिकारों को अपना समर्थन प्रदान कर सकते हैं। साथ ही अपने पंचायतों में सौ प्रतिशत जन्म पंजीकरण, संस्थागत प्रसव, टीकाकरण एवं नामांकन को सुनिश्चित कर तथा कुपोषण, बाल विवाह, बाल श्रम और खुले में शौच से मुक्त कर अपने पंचायतों को माॅडल पंचायत बना सकते हैं।’’

अनगड़ा पंचायत की पंचायत समिति सदस्य, जयवंती तिर्की ने कहा कि, ‘‘मैंने माता-पिता को बाल अधिकारों की जानकारी देने के लिए ग्राम सभा की विशेष बैठक आयोजित करने तथा हिंसा एवं दुव्र्यवहारों के प्रति बच्चों और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के लिए एक सम्मेलन आयोजित करने की योजना बनाई है। हम यह सुनिश्चित करेंगे कि हमारे गांव में एक भी बाल विवाह नहीं हो। बाल विवाह की शिकायत मिलने पर हम माता-पिता से बातचीत करेंगे, यदि वे हमारी बात नहीं मानेंगे तो हम कानून की मदद लेने से भी नहीं हिचकेंगे।’’

इस कार्यक्रम के दौरान पंचायत प्रतिनिधियों की तरफ से कई सुझाव आए, जैसे कि, साप्ताहिक स्वच्छता अभियान चलाना। ग्राम सभा एवं स्व-सहायता समिति की बैठक के दौरान ग्रामीणों को स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और सुरक्षा से संबंधित मुद्दों की जानकारी देना। स्कूलों की मासिक निगरानी करना और बच्चों को हिंसा/दुव्र्यवहार और सुरक्षा से संबंधित विषयों की जानकारी देने के लिए किशोर-किशोरी दिवस आयोजित करना।

यूनिसेफ छह जिलों में बाल पत्रकार कार्यक्रम को अपना सहयोग प्रदान करता है। ये जिले हैं – रांची, पूर्वी सिंहभूम, पश्चिमी सिंहभूम, सिमडेगा, गिरीडीह और लातेहार। इस कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों की भलाई के लिए चलाए जाने वाले कार्यक्रमों में उनकी भागीदारी को बढ़ाना है। साथ ही बच्चों को एक मंच प्रदान करना है, जहां उनकी बातों को सुना जा सके।

कार्यक्रम में नव भारत जागृति कंेद्र के अध्यक्ष,  सतीश गिरिजा और पूरी रांची के 60 से अधिक पंचायती राज संस्था के सदस्यों ने भाग लिया।

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