स्थानीय निति को लेकर झारखंड बन्द :: अश्व दल तैनात

Sthaniye niti ko lekar jharkhand band :: ashwa dal tainatरांची, झारखण्ड । मई । शनिवार । 14, 2016 :: स्थानीय निति को लेकर झारखंड बन्द का वयापक असर … लंबी दूरियों का सभी वाहनों का परिचालन बंद … पुलिस की चाक-चौबंद व्यवस्था … सुरक्षा को लेकर जिला प्रसासन मुस्तैद .
झारखंड के विपक्षी दलों समेत सभी जनजातीय और मूलनिवासी संगठनों ने राज्य की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार की स्थानीय  नीति के विरोध में शनिवार को एक दिन की हड़ताल की घोषणा की है। इस बंद का आह्वान मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा ने किया है। कांग्रेस और राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने भी इसका समर्थन किया है। झारखंड विकास मोर्चा (प्रजातांत्रिक) के बाबूलाल मरांडी ने भी इस बंद का समर्थन किया है।
स्थानीय नीति के अनुसार
* राज्य में 30 सालों से रहने वाले और अचल संपत्ति के मालिकों को झारखंड का निवासी माना जाएगा।
* इसके अलावा राज्य के सीमा पर जो लोग रहते हैं, अगर उनका या उनके परिवार की पिछली पीढ़ी में से किसी का नाम झारखंड के भूअभिलेख में दर्ज है और वे भूमिहीन हैं, लेकिन स्थानीय भाषा बोल सकते हैं और ग्राम सभा उन्हें स्थानीय निवासी के रूप में चिन्हित करती है तो उन्हें भी झारखंड का निवासी माना जाएगा।
* नीति के अनुसार अगर कोई झारखंड सरकार, केंद्र सरकार, बोर्ड, कारपोरेशन का कर्मचारी है तो उसे राज्य का निवासी माना जाएगा। इसके अलावा अगर कोई झारखंड में पैदा हुआ है और उसने दसवीं की परीक्षा राज्य से ही पास की है, तो उसे भी राज्य का निवासी माना जाएगा।

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