वेदान्त और आधुनिक जगत विषय पर शोधालेख प्रतियोगिता :: दर्शनशास्त्र के विद्यार्थियों ने जीते पुरस्कार

13-Vedantरांची, झारखण्ड । मई । 13, 2016 :: वेदान्त शोध केन्द्र राँची ने उपनिषद् में वर्णित विभिन्न विषयों पर अधिक से अधिक शोधकार्य हो सके और विद्यर्थियों का झुकाव भारतीय दर्शन के मूल ग्रंथों तथा वेद-वेदान्त की ओर हो सके इस उद्देश्य से वेदान्त और आधुनिक जगत विषय पर विगत 7 मई को शोधालेख प्रतियोगिता आयोजित किया था। इस शोधालेख प्रतियोगिता तथा इसके वाचन में दर्शनशास्त्र, संस्कृत और अन्य विषयों के 27 शोधार्थियों ने हिस्सा लिया था। इस प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल के सदस्यों में रामलखन सिंह यादव महाविद्यालय के दर्शनशास्त्र विभाग की डॉ॰ सी॰ कामेश्वरी तथा वेदांत शोध केन्द्र के श्री निमाई दास बनर्जी और श्री जी॰एस॰वर्मा थे।

शोधार्थियों के विषय की परख के लिये जैन विश्व भारती विश्वविद्यालय के डॉ॰ रामजी सिंह, सिंघानिया विश्वविद्यालय राजस्थान के पूर्व कुलपति डॉ॰ सोहनराज तातेर, कामेश्वर सिंह संस्कृत विश्वविद्यालय की प्रतिकुलपति डॉ॰ निलीमा सिन्हा, सम्पूर्णानंद संस्कृत विश्वविद्यालय वाराणसी के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ॰ रजनीश कुमार शुक्ला, राँची विश्वविद्यालय दर्शनशास्त्र विभाग की अध्यक्ष डॉ॰ मीरा देवी वर्मा, वेदांत शोधकेन्द्र की निदेशक डॉ॰ राजकुमारी सिन्हा, राँची विश्वविद्यालय के पूर्व मानविकी संकायाध्यक्ष डॉ॰ सरस्वती मिश्रा, दर्शनशास्त्र विभाग के एसोशियेट प्रोफेसर डॉ॰ सुशील कुमार ‘अंकन’, राँची कॉलेज के दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डॉ॰ पंकज कुमार, डॉ॰ आभा झा, पी.जी. संस्कृत विभाग की डॉ॰ नीलिमा पाठक सहित वेदान्त शोध केन्द्र के कई वरिष्ठ सदस्य उपस्थित थे।

शोधालेख प्रतियोगिता के परिणाम :

प्रथम : डॉ॰ राहुल मनहर, पोस्ट डॉक्टोरल फेलो, पी.जी. दर्शनशास्त्र विभाग, राँची विश्वविद्यालय

विषय – ‘‘एक आदर्श राज्य एवं स्वामी विवेकानंद ’’

पुरस्कार राशि – 5000/- मेयर आशा लकड़ा के हाथों प्राप्त किया

द्वितीय : सुश्री सरबत अफरोज़, शोधार्थी , पी.जी. दर्शनशास्त्र विभाग, राँची विश्वविद्यालय

विषय – ‘‘ वेदान्त की नैतिक शिक्षा द्वारा सामाजिक सुधार ’’

पुरस्कार राशि – 3000/- जैन विश्वभारती विवि के डॉ॰ रामजी सिंह के हाथों प्राप्त किया

तृतीय पुरस्कार तीन प्रतिभागियों को दिए गये और तीनों को एक-एक हज़ार रूपये और प्रशस्ति पत्र मिले।

प्रीति कुमारी – पी.जी.दर्शनशास्त्र विभाग, राँविवि

विषय : ‘‘ आधुनिक जीवन शैली में वल्लभाचार्य के भक्तिमार्ग की भूमिका ’’

संगीता कुमारी – पी.जी.दर्शनशास्त्र विभाग, राँविवि

विषय : ‘‘ अद्वैतवेदान्त और स्वामी विवेकानंद के परिप्रेक्ष्य में धर्म का व्यावहारिक महत्त्व ’’

पूनम कौरियार – पी.जी.संस्कृत विभाग, राँविवि

विषय : ‘‘ वेदान्त में गुरू-शिष्य परंपरा : आज की आवश्यकता ’’

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