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वर्ल्ड फोटोग्राफी डे और झारखंड : डॉ सुशील अंकन

रांची, झारखण्ड । अगस्त । 18, 2016 :: आज पूरे विश्व में फोटोग्राफी का महत्त्व सर्वविदित है। इसका उपयोग पासपोर्ट फोटो से लेकर सेटेलाइट मौसम तक की जानकारी के साथ साथ फिल्म और डाॅक्युमेंटेशन के लिये हो रहा है। बिना फोटोग्राफी के शायद मनुष्य अब रह भी नही पायेगा।

विश्व छायांकन दिवस की शुरूआत

Sushil Ankan
Dr. Sushil Ankan

फ्रांस के पच्चीसवें प्रधानमंत्री फ्रांसिस आरागो ने 19 अगस्त 1839 को फ्रांस के विज्ञान और कला अकादमी के समक्ष डैग्युरे के फोटो प्रोसेसिंग विधि को पहली बार उजागर किया था। यह सर्वथा पहली बार सब के बीच में रखा गया था। इससे पहले फोटोग्राफी नाम की कोई चीज नहीं थी। फोटोग्राफी की पद्धति को भविष्य के लिये अत्यंत ही उपयोगी विज्ञान और कला के रूप में देखा गया और इसके प्रचार प्रसार पर भी बल दिया गया था।

भारत में इन्डिया इन्टरनेशनल फोटोग्राफिक काउंसिल के संस्थापक ओ.पी.शर्मा ने विश्व के कई बड़े छायाकारों और फोटोग्राफी संगठनों के समक्ष एक प्रस्ताव रखा कि क्यों न एक दिन पूरे विश्व में ऐसा हो जिस दिन को विश्व छायांकन दिवस के रूप में मनाया जाय ? विश्व के सभी छायाकारों ने इस प्रस्ताव पर अपनी मुहर लगा दी और 19 अगस्त 1991 से सम्पूर्ण विश्व में इसे वर्ल्ड फोटोग्राफी डे के रूप में मान्यता प्राप्त हुई। तब से लगातार इसे 19 अगस्त को मनाया जाता है।

झारखंड सरकार का प्रयास

अभी हाल में ही झारखंड सरकार ने पूरे प्रदेश में फोटोग्राफी विधा के प्रचार प्रसार के लिये एक दस दिवसीय वर्कशाॅप (5 जून से 14 जून 2016) का आयोजन कांके रोड स्थित आॅड्रे हाउस में करवाया था। इस वर्कशाॅप में पूरे प्रदेश से 54 युवक युवतियों ने हिस्सा लिया था। इस आयोजन का उद्देश्य था झारखंड में बन रहे फिल्म सीटी और फिल्म उद्योग के लिये प्रदेश स्तर के कुछ फोटोग्राफर तैयार करना। झारखंड सरकार ने इस तरह का प्रयास पहली बार किया। आगे भी सरकार ने एडवांस फोटोग्राफी वर्कशाॅप कराने का संकेत दिया है।

फोटोग्राफी क्लब ‘‘रूपसी’’ की स्थापना

राँची विश्वविद्यालय के पी.जी. दर्शनशास्त्र विभाग में डाॅ॰ सुशील कुमार अंकन ने विश्वविद्यालय की अनुमति से सभी पी.जी. विभागों के शोधार्थियों और सामान्य विद्यार्थियों के लिये एक फोटोग्राफी क्लब ‘‘रूपसी’’ की स्थापना 07 जुलाई 2015 में की थी। इस फोटोग्राफी क्लब का उद्देश्य है कि सभी पी.जी. विभागों के शोधार्थियों और सामान्य विद्यार्थियों को निःशुल्क फोटोग्राफी की शिक्षा दी जा सके। इस कार्य में पत्रकारिता विभाग के निरंजन कुमार का भी सहयोग प्राप्त है। अब तक 70 से भी अधिक विद्यार्थियों ने रूपसी के माध्यम से फोटोग्राफी कौशल को सीखा और अपने अपने क्षेत्र में निपुणता से कार्य कर रहे हैं।

समय समय पर विद्यार्थियों के द्वारा खींची गई तस्वीरों की प्रदर्शनी लगाना, शोध के लिये अच्छी तस्वीरों का संकलन करना, फोटोवाक का आयोजन करना, वर्कशाॅप करना, विडियो डाॅक्युमेंट्री बनवाना आदि इस कल्ब का मुख्य कार्य है

झारखंड फोटोग्राफी एसोसियेशन

झारखंड में फोटोग्राफी ट्रेड से जुड़े लोगों ने भी एक संगठन बना कर फोटोग्राफी को लोकप्रिय बनाने के साथ ही साथ इस विधा के प्रचार प्रसार में लगे हैं। इसके वर्तमान अध्यक्ष निरंजन कुमार तथा सचिव संजय बोस हैं। इस संगठन से लगभग पूरे झारखंड के फोटोग्राफी व्यवसायी जुड़े हैं। समय समय पर फोटोग्राफी से जुड़े विषयों में सेमिनार, वर्कशाॅप भी इसके द्वारा कराया जाता है।

 

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