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कलश विसर्जन शोभा-यात्रा :: भावुक हुए श्रद्धालु भक्तगण

गेतलातु, रांची, झारखण्ड । अक्टूबर । 23, 2015 :: श्री वैष्णवी शिव राम सेवा संस्थान, गेतलातु, राँची के तत्वावधान में देवी-दर्शन महायज्ञ महोत्सव समिति द्वारा आयोजित सामूहिक सहस्त्र कलश स्थापन समारोह जो दिनांक 13.10.15 से चल रहा था, जो आज दिनांक 23.10.15 को सामुहिक सहस्त्र कलश विसर्जन शोभा-यात्रा के साथ संपन्न हुआ। आचार्य संजय पाण्डेय के अचार्यत्व में एवं स्थानीय पुजारी पं. रवि रंजन पांडेय के सहयोग से मुख्य यजमान रामकिशोर सिंह सपत्नी सरस्वती देवी एवं समस्त संकल्पकत्र्ताओं द्वारा सामूहिक हवन, कन्या पूजन एवं कन्या भोग/ब्राह्मण भोग का आयोजन दिनांक 21.10.15 को किया गया।
संकल्पकर्ताओं ने किया सामुहिक हवन- सभी संकल्पकर्ता सामुहिक हवन के लिए एकत्रित हुए, जिन्हें प्रधान हवन कुण्ड में आचार्य एवं पुरोहितों के नेतृत्व में सामुहिक हवन कराया गया। समस्त गेतलातु का वातावरण स्वाहा के उदघोष से गुंज रहा था और होमाद की सुगंधित खुशबु से समग्र वायुमण्डल सुगंधित हो रहा था।23-Virshan-02माँ वैष्णवी के जीवंत स्वरूप एवं कुंवारी कन्याओं का हुआ पुजन- संस्थान द्वारा माँ वैष्णवी के जीवंत स्वरूप- माँ काली, माँ सरस्वती और माँ लक्ष्मी की पुजा की गई। माँ के इस स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं आपार भीड़ उमड़ रही थी। साथ-ही-साथ संकल्पकर्ताओं घरों से आई कन्याओं का सामुहिक पुजन, यजमान द्वारा पांव पखार कर किया गया। देवियों के दर्शन का यह दृश्य अति मनभावन था।
महाभोग का हुआ वितरण- पुजा के बाद सभी संकल्पकर्ताओं को पुड़ी, सब्जी, खीर, हलवा एवं बुंदिया का महाभोग खिलाया गया। संस्थान द्वारा संकल्पकर्ताओं को विशेष महाभोग के रूप में मेवा प्रसाद का भोग वितरण किया गया।
भव्य भंडारे, जागरण एवं नृत्य नाटिका का हुआ आयोजन- दिनांक 22.10.15 को यज्ञ पुर्णाहूति के बाद भव्य भंडारे का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 10 हजार श्रद्धालु भक्तों ने प्रसाद ग्रहण किया एवं देर रात तक भक्तों ने जागरण समुह के साथ माता के जगराता का एवं झांकी का आनन्द लिया जिसमें माता के तीनों शक्ति की झांकी, कृष्ण-मीरा की भक्ति गाथा, कृष्ण-राधा की प्रेम की गाथा इत्यादि झांकी के बाद महिंसासुर मर्दिनी की झांकी के साथ सम्पपन हुआ।23-Virshan-01नगर दर्शन के बाद हुआ विसर्जन- नवरात्र पर शक्तियों के नव रूपों की अराधना का अद्भुत दृश्य और एक हजार एक सौ ग्यारह सामूहिक कलश स्थापन की वह छवि-पटल विसारा नहीं जा सकता। इस नौ दिनों के आह्वाहन में जहाँ देवी पूजन, भण्डारा, जागरण का समावेश था, वहीं यह विशाल विसर्जन अपने आप में अद्भुत था। ज्योंहि कलश विसर्जन शोभा-यात्रा देवी-दर्शन प्रांगण से निकली रास्तें में भक्तों का कारवाँ बनता चला गया। इस शोभा-यात्रा को देखने और पूजने के लिए लोग अपने घरों के दरवाजे पर आकर रथ की आने की प्रतिक्षा कर रहें थे।
जुमार नदी में विसर्जन तक एक विशाल जनसमूह इस रथ यात्रा में शामिल हो चुके थे। विसर्जन के दौरान माता के जयकारे से सारा वातावरण भक्तिमय हो रहा था।
इस विसर्जन कार्यक्रम में संस्था के सचिव रंजीत कुमार, दीपक रंजन, मनोज मिश्रा, विनय सिंह, विवेक, सुमीत, मनोज, धीरज, राजु, अमित सिंह, मुनमुन सिंह, केसरी कुमार, संजय वर्मा, निरंजन, धन्नु, बिरजु, विनय, पप्पु, राजीव, मनीष, प्रवीण, नीरज, बिरजु, सुशील, सोनु, नवीन, संजीत, संजीव पांडेय एवं गेतलातु ग्राम के गणमान्य लोग उपस्थित थे।

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