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नई दिल्ली ::  मंत्रीमुनि श्री सुमेरमल जी ने दी मुमुक्षु जितेन्द्र को दीक्षा

photo by Arpit Gupta & Seema Guptaनई दिल्ली । नवम्बर । 23, 2015 ::आचार्य श्री महाश्रमण जी को दीक्षा प्रदाता मंत्रीमुनि श्री सुमेरमल जी के पावन सानिध्य में दिल्ली के खचाखच भरे यमुना क्रीड़ा स्थल टी.टी. इन्डोर स्टेडि़यम में दीक्षा समारोह का भव्य आयोजन हुआ। अपनी सशक्त अभिव्यक्ति में मुमुक्षु जितेन्द्र ने कहा कि ‘‘इस संसार मे रहते हुए मेरे द्वारा प्राणिमात्र को कश्ट न हो। मैं आत्म कल्याण के साथ-साथ धर्मसंघ एवं मानवता की सेवा कर सकूं इसलिए अपने परिवार का छोड़कर आचार्य श्री महाश्रमण जी की सेवा में आया हूं। अब मे मां की लोरी की जगह मंत्री मुनि के भजन सुनुग। षत्रि में भोजन की जगह स्वाध्याय-ध्यान करूंगा’’।

मंत्रीमुनि ने विभिन्न तरीकों से परीक्षा लेते हुए कहा कि ‘‘अभी तक कुछ नहीं हुआ है। बन्दौले धुमें है, कपड़े बदले हैं। एक बार फिर सोच लो? थोड़े दिन और ठहर जाओ।’’ पूर्ण दृढ़ता से जितेन्द बोला  – ‘‘मैंने बहुत इन्तजार कर लिया और कितना करूं? मझे शाीध्र अपनी शरण में ले लें’’। इस प्रकार कसौटी पर खरे उतरे मुमुक्षु जितेन्द्र को मंत्रीमुनि जी ने यावज्जीवन हेतु दीक्षा का प्रत्याख्यान करवाया। नमोत्थुणं का उच्चारण किया।

विगत जीवन में हुए सावद्य कार्याें की आलोचना करते हेतु चतुर्विस्तव किया। फिर केश लोच संस्कार किया। अंहिसा का प्रतीक रजोहरण प्रदान संस्कार करते हए मंत्रीमुनि ने बालमुनि को ज्ञान-दर्षन-चारित्र एवं तप के क्षेत्र में अत्तरोत्तर विकास की मंगल कामना की। इस प्रकार जीवन प्रर्यन्त गृह का परित्याग कर जितेन्द्र पुगलिया (जोनी) मुनि ज्योतिर्मय बन गए।

इस अवसर पर मंत्रीमुनि ने कहा कि ‘‘जीव की अनंतकाल की यात्रा में वह क्षण बहुत महत्वपूर्ण होता है जब व्यक्ति सब विरति का परित्याग कर संयम के पथ पर आरुढ़ होता है। जितेन्द्र के जीवन का वह महत्वपूर्ण क्षण आज है।’’ दीक्षा समारोह के कुशल संचालक मुनिश्री उदितकुमार जी ने कहा कि आत्मषक्ति संपन्न्ा व्यक्ति ही संयम पथ पर आगे बढ़ते हैं। उन्होने कहा कि बालमुनि ज्योर्तिमय अभिनिश्क्रमण के साथ आत्म कल्याण के पथ पर आगे बढे़ और दूसरों के लिए भी आध्यात्मिक उत्प्रेरक बनें।

समारोह में मुनिश्री विजयकुमार जी ने गीत, मुनि अनंतकुमार जी, मुनि पुलकितकुमार जी, मुनि तन्मयकुमार जी, मुनि निकुंज कुमार जी साध्वीश्री कर्तव्यप्रभा जी एवं समणी जी आदि के वक्तव्य हुए। दीक्षार्थी की छोटी बहिन मीनाक्षी, जलगांव सभाध्यक्ष रणजीत जी, पिता मनोज एवं माता ममता पुगलिया की सामयिक प्रस्तुतियां हुई। संघीय संस्थाओं का समूह गान एवं ज्ञानषाला के नन्हे-मुन्नों के एक्षन सोंग ने पूरे स्टेडियम में षमा बांध दिया। परम श्रद्धेय आचार्यश्री महाश्रमण जी ने महत्ती कृपा कर दीक्षा संदर्भित वीडियो संदेश प्रदान करवाया। दिल्ली सभा द्वारा दीक्षा कार्यक्रम के अवसर पर निर्मित श्रद्धेय मंत्रीमुनिप्रवर द्वारा विगत दीक्षाओं का समावेष करते हुए विषेश डोक्यूमेन्ट्री फिल्म आकर्शण का केन्द्र रही।का प्रसारण किया गया।

जैन ष्वेताम्बर तेरापंथी सभा, दिल्ली (आयोजक संस्था) के अध्यक्ष के.एल जैन पटावरी ने इस अवसर पर दिल्ली सरकार के स्वास्थ्य मंत्री सत्येन्द्र जैन, भाजपा के एम.एल.ए ओमप्रकाष शर्मा, एम.सी.डी के चेयरमेन महेन्द्र आहूजा, शहिद भगत सिंह सेवा दल के चेयरमेन जितेन्द्र सिंह (षन्टी), सत्यभूशण जैन, ललित नाहटा,  दिनेश भाई डोसी आदि का सम्मान किया।

दिल्ली सभा के महामंत्री सुखराज सेठिया ने देश के कौने-कौने से कार्यक्रम में सम्भागी सभी राश्ट्रीय पदाधिकारियों के सम्मान की परम्परा का निवर्हन करवाते हुए सभी का आभार व्यक्त किया।

प्रेशक: डाॅ. कुसुम लूणिया (मीडिया प्रभारी)
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