Health-Bima-Yogna
Health Latest News Top News

पिछले तीन साल में देश में कुल 10.72 करोड़ स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी किए : बंडारू दत्तात्रेय [राज्य मंत्री ]

Health-Bima-Yogna12 मार्च 2015 :: केन्द्रीय श्रम और रोजगार मंत्रालय ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आर.एस.बी.वाई) के अंतर्गत स्वास्थ्य बीमा छत्र प्रदान करने के लिए पिछले तीन साल में देश के 29 राज्यों और 7 संघ राज्य क्षेत्रों में कुल 10.72 करोड़ स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी किए हैं। केन्द्रीय श्रम एवम् रोजगार मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार देखने वाले राज्य मंत्री बंडारू दत्तात्रेय ने राज्यसभा में मार्च 11, 2015 को सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में यह बताया।

मंत्रीजी ने बताया कि देश में पिछले तीन सालों में कुल 10.72 करोड़ स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी किए गये हैं, इनमें से गुजरात में 58.74 लाख कार्ड जारी किए गये हैं और झारखण्ड राज्य में कुल 50.19 लाख कार्ड जारी किए गये हैं, ऐसा संसद में प्रस्तुत निवेदन में बताया गया। दोनों राज्यों के सभी जिलों को इस योजना के अंतर्गत शामिल किया गया है।

श्री परिमल नथवाणी यह जानना चाहते थे कि पिछले तीन साल में राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के अंतर्गत झारखण्ड और गुजरात सहित पूरे देश में कितने स्वास्थ्य बीमा कार्ड जारी किए गये हैं और देश के कितने राज्यों में यह योजना परिचालित की गई है।

मंत्रीश्री ने बताया कि 29 राज्यों और 7 क्षेत्रों में से यह योजना 2 राज्यों और 4 संघ राज्य क्षेत्रों में कभी परिचालित नहीं हुई है, 5 राज्यों और एक संघ राज्य क्षेत्र में कुछ समय के लिए परिचालित की गयी थी तथा फिर रोक दी गई। 22 राज्यों और एक संघ राज्य क्षेत्र में यह योजना 2008-09 से लेकर लगातार कार्यान्वयनाधीन है। अब तक कुल मिलाकर इसके अंतर्गत देश के 557 जिले शामिल किए जा चुके हैं।

आर.एस.बी.वाई – योजना

आर.एस.बी.वाई श्रम एवं रोजगार मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गरीबी रेखा से नीचे ( बीपीएल ) रहने वाले परिवारों को स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान करने हेतु आरंभ की गई है। आरएसबीवाय का उद्देश्‍य स्वास्थ्य आघातों से उत्पन्न वित्तीय देयताओं से गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले परिवारों को सुरक्षा प्रदान करना है, जिसमें अस्पताल में भर्ती करना शामिल है।

 योग्ताये
असंगठित क्षेत्र के कामगार जो बीपीएल श्रेणी में आते हैं और उनके परिवार के सदस्य (पांच सदस्यों की परिवार इकाई) को योजना के तहत् लाभ मिलेंगे।

   कार्यान्‍वयन एजेंसियों की जिम्‍मदारी होगी कि वे असंगठित क्षेत्र के कामगारों और उनके परिवार के सदस्यों की योग्‍यता का सत्‍यापन करें, जिन्‍हें योजना के तहत् लाभ मिलने का प्रस्‍ताव है।

   लाभार्थियों को पहचान के उद्देश्‍य के लिए स्मार्ट कार्ड जारी किए जाएंगेा

Leave a Reply