श्री वैष्णवी महोत्सव का भव्य भण्डारे एवं जागरण के साथ समापन
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श्री वैष्णवी महोत्सव का भव्य भण्डारे एवं जागरण के साथ समापन

श्री वैष्णवी महोत्सव का भव्य भण्डारे एवं जागरण के साथ समापन  रांची, झारखण्ड 01 फरवरी  2015 :: श्री वैष्णवी शिव राम सेवा संस्थान के तत्वावधान में हो रहे श्री वैष्णवी वार्षिकोत्सव महायज्ञ महोत्सव के पिछले तीन दिनों से चले आ रहे इस महापर्व के अंतिम दिन प्रातः 8 बजे से माँ वैष्णवी का महाभिषेक, सहस्त्राचरण के अनुष्ठान के साथ प्रारंभ हुआ। तत्पश्चात् आचार्य रवि शास्त्री स्थानीय पुजारी अवधेश शास्त्री एवं वाराणसी से आए अन्य वैदिक विद्वानों के सहयोग से महारूद्राभिषेक का आयोजन किया गया। मंत्रो के उद्घोष, विद्वानों की सस्वर स्तुति, शंख एवं ढोल की आवाज से सारा वातावरण भक्तिमय हो रहा था। कमल फुल, उड़हुल फुल एवं अन्य रंग-बिरंगी फुलों से सुसज्जित माता का महाश्रृंगार किया गया। महालक्ष्मी, महासरस्वती एवं महाकाली का स्वरूप अद्भुत नजर आ रहा था।श्री वैष्णवी महोत्सव का भव्य भण्डारे एवं जागरण के साथ समापनजीवन्त माँ की स्वरूप की हुई आराधना- संस्थान द्वारा माँ लक्ष्मी, माँ सरस्वती एवं माँ काली के तीनों स्वरूपों की जीवन्त झांकी प्रस्तुत की गई एवं श्रद्धालुओं द्वारा उनका पूजा अर्चना भी किया गया। माता का यह जीवन्त स्वरूप अपने आप में अतुल्नीय था। श्रद्धालुओं ने किया सामुहिक दुर्गापाठ- पूर्व नियाजित कार्यक्रमों के अन्तर्गत अपराह्ण 2 बजे से श्रद्धालुओं ने दुर्गा चालिसा की नव आद्वितियों का पाठ किया। सस्वर संगीतमय पाठ की मधुर ध्वनि सबों का मन मोह रही थी। इस पाठ का संचालन मिथिला से आए मानस प्रचार मंडली के श्री विनय जी व्यास एवं श्री मुरलीधर व्यास के नेतृत्व में हुआ।श्री वैष्णवी महोत्सव का भव्य भण्डारे एवं जागरण के साथ समापनकुंवारी कन्या पूजन एवं सामुहिक हवन का आयोजन- पुजा उपरांत, पहले से सामुहिक हवन में भाग लेने के लिए पंजीकृत श्रद्धालुओं हवन एवं कुंवारी कन्याओं का पूजन किया गया। संस्थान द्वारा जन-जन को जोड़ने के उद्देश्य से की इस आयोजन की सराहना आए हुए भक्तों ने बड़े ही प्रसन्न भाव से किया। हवन उपरांत देवी के विभिन्न स्वरूपों का कुमारी कन्या के रूप में पूजन, अर्चना तथा भोग लगाकर यजमान द्वारा अपना संकल्प पूरा किया गया तथा साथ-ही-साथ भैरव बाबा के रूप में बटुक ब्राह्मण का भी पूजनादि किया गया। तत्पश्चात अपराह्न 3 बजे से भजन-कीत्र्तन एवं अश्वनी एंड पार्टी द्वारा जागरण एवं नृत्य-नाटिका के माध्यम से देवी-देवताओं के विभिन्न स्वरूपों और गाथाओं का नाटकीय रूपांतरण प्रस्तुत किया गया। रिया और रिदु के द्वारा दी गई प्रस्तुति से सभी भक्तगण काफी प्रभावित हुए। भव्य भण्डारा का अयोजन संध्या 4 बजे से किया गया जिसमें हजारों भक्तगणों ने माँ का प्रसाद ग्रहण किया। माँ के अभिषेक में भव्य जागरण प्रस्तुत किया गया, जिसमें भक्त अपने आप को रोक नहीं पाये और देर रात तक भक्तिमय गानों पर थिरकते रहे और जय माता वैष्णवी का जयकारा लगाते रहे है। समाचार लिखे जाने तक भक्तगणों का सैलाब माँ का प्रसाद ग्रहण करने के लिए आ-जा रहे थें। श्री वैष्णवी शिव राम सेवा संस्थान के सचिव रंजीत कुमार, पत्नी श्रीमती वन्दना कुमारी और उनके पूज्य पिता रामकिशोर सिंह जी एवं माता श्रीमती सरस्वती देवी जी इस महायज्ञ में शामिल होने वाले सभी श्रद्धालुओं एवं कार्यकर्ताओं के प्रति अपनी आभार व्यक्त किया, जिनके सहयोग से यह महायज्ञ सफल और सार्थक हो पाया।श्री वैष्णवी महोत्सव का भव्य भण्डारे एवं जागरण के साथ समापनइस मांगलिक वार्षिकोत्सव का समापन श्रीजनकपुरधाम, मिथिला के वयोवृद्ध-विद्वत्संत-श्रीगुरुदेव स्वामी पं. जानकीरामाचार्यजी महाराज, स्थानीय पुजारीजी पं. श्री अवधेश शास्त्रीजी एवं आचार्य पं. श्री रविशास्त्रीजी आदि विद्वानों के सक्रिय सहयोग से हुआ। इस आयोजन की सफलता में सहयोग देने वाले श्रद्धालुओं में जगदम्बा प्रसाद सिन्हा, सुदामा प्रसाद सिंह, विनय सिंह, बिरेन्द्र तिवारी, सुदामा चैबे, मनोज मिश्रा, विवेक, निरंजन, पिन्टु , कुणाल, संजय, राजीव, बिरेन्द्र, अभिमन्यु, विकास, अमित, सुभाष, नीरज, मुनमुन, धन्नु, प्रवीण, राजमनी, शशिकांत, प्रेमनाथ, सुभाष, राकेश, पप्पु व अन्य ग्रामीणों का अद्भूत सहयोग रहा।

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