अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को दिया जायेगा टैब  : रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखंड ]

             अगले वित्तीय वर्ष में राज्य के सभी सरकारी स्कूलों के शिक्षकों को दिया जायेगा टैब  : रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखंड ]रांची, झारखण्ड । जनवरी 16, 2017  :: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य सरकार गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए वचनबद्ध है। हमें आनेवाले 2-3 साल में झारखंड को शिक्षित प्रदेश बनाना है। राज्य के सभी सरकारी स्कूल के शिक्षकों को अगले वित्तीय वर्ष में टैब दिया जायेगा। साथ ही उन्हें ई-विद्यावाहिनी सॉफ्टवेयर से भी जोड़ा जायेगा। इसी कड़ी में आज महत्वपूर्ण कदम उठाये जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों व छात्रों के शैक्षणिक स्तर में सुधार हेतु विभिन्न संस्थाओं के साथ एम. ओ. यू. भी किया गया है। झारखंड की शिक्षा व्यवस्था के लिए आज का दिन क्रांतिकारी होगा। श्री दास आज झारखंड मंत्रालय में राज्य स्तरीय गुणवत्ता शिक्षा कार्यक्रम ज्ञानोदय में लोगों को संबोधित कर रहे थे।

            श्री दास ने कहा कि आज के समय में तकनीक का महत्वपूर्ण स्थान है। हमें अपने बच्चों के भविष्य को उज्जवल बनाना है, इसमें किसी प्रकार की शिथिलता एवं कोताही नहीं बर्दाश्त की जाएगी। इस हेतु स्कूलों की आधारभूत संरचना में सुधार किया जा रहा है। स्कूलों में बेंच-डेस्क और बिजली दी जा रही है। 9-10 वीं से छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए कोचिंग दी जायेगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड समृद्ध होने के बाद भी झारखंड की गोद में गरीबी पल रही है। राज्य से गरीबी को समाप्त करने में शिक्षा का महत्वपूर्ण योगदान रहेगा। सभी अधिकारियों, शिक्षकों की जिम्मेवारी है कि देश के भविष्य और सबसे कीमती संसाधन हमारे बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें। जो इस काम में लापरवाही करते हैं, वे देश के साथ गद्दारी कर रहे हैं। बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करनेवालों के विरूद्ध कड़ी कार्रवाई की जायेगी। मुख्यालय में बैठे अधिकारी भी बीच-बीच में अचानक पहुंच कर जांच करें। ईमानदारी और समर्पण भाव से काम करें और झारखंड को स्वावलंबी और समृद्ध राज्य बनाने में मदद करें। हम छोटे-छोटे काम से देश-समाज को बदल सकते हैं।

            कार्यक्रम में विकास आयुक्त सह अपर मुख्य सचिव योजना वित्त विभाग  अमित खरे, प्रधान सचिव संजय कुमार, स्कूली शिक्षा सचिव अराधना पटनायक, शिक्षा विभाग के निदेशकगण समेत बड़ी संख्या में बच्चे भी उपस्थित थे।

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