वैशाख माह पर्व और त्यौहार
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वैशाख माह पर्व और त्यौहार

वैशाख माह पर्व और त्यौहाररांची, झारखण्ड अप्रैल 05, 2015 :: ज्योतिष शास्त्री डॉ सुनील बर्मन ( स्वामी दिव्यानंद ) के अनुसार वैशाख माह पर्व और त्यौहार
वैशाख माह पर्व और त्यौहार का मास हैं। इन सभी पर्व त्यौहारों में जीवन जीने के संदेश छुपे हैं। इसलिए वैशाख मास भारतीय लोक जीवन में समाया हुआ है।
वैशाख कृ. प्रतिपदा – 05 April.
संकष्टी श्रीगणेश – 07
शीतलाष्टमी – 12
खरमास समाप्ति, सतुआन – 14
एकादशी – 15
प्रदोष – 16
मास शिवरात्री – 17
अमावश्या – 18
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वैशाख शु. प्रतिपदा – 19
अक्षयतृतीया,परशुरामजयंती-21
वैनायकी श्रीगणेश – 22
आदिजगद्गुरु शंकराचार्य जयंती -23
गंगा सप्तमी – 25
श्री सीतानवमी – 27
एकादशी – 29
पूर्णिमा – 03 मई
बुद्ध पूर्णिमा – 04.

भारतीय काल गणना के अनुसार वर्ष का दूसरा माह वैशाख है। इस माह को एक पवित्र माह के रूप में माना जाता है। जिनका संबंध देव अवतारों और धार्मिक परंपराओं से है। ऐसा माना जाता है कि इस माह के शुक्ल पक्ष को अक्षय तृतीया के दिन विष्णु अवतारों नर-नारायण, परशुराम, नृसिंह और ह्ययग्रीव के अवतार हुआ और शुक्ल पक्ष की नवमी को देवी सीता धरती से प्रकट हुई। कुछ मान्यताओं के अनुसार त्रेतायुग की शुरुआत भी वैशाख माह से हुई। इस माह की पवित्रता और दिव्यता के कारण ही कालान्तर में वैशाख माह की तिथियों का सम्बंध लोक परंपराओं में अनेक देव मंदिरों के पट खोलने और महोत्सवों के मनाने के साथ जोड़ दिया। यही कारण है कि हिन्दू धर्म के चार धाम में से एक बद्रीनाथधाम के कपाट वैशाख माह की अक्षय तृतीया को खुलते हैं। इसी वैशाख के शुक्ल पक्ष की द्वितीया को एक और हिन्दू तीर्थ धाम पुरी में भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा भी निकलती है। वैशाख कृष्ण पक्ष की अमावस्या को देववृक्ष वट की पूजा की जाती है। यह भी माना जाता है कि भगवान बुद्ध की वैशाख पूजा ‘दत्थ गामणी’ (लगभग 100-77 ई. पू.) नामक व्यक्ति ने लंका में प्रारम्भ करायी थी।