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कृषि आधारित उद्योग‘‘ पर कार्यशाला

रांची, 14 दिसम्बर 2012 :: फेडरेशन ऑफ़ झारखण्ड चेम्बर ऑफ़ कॉमर्स और इन्डस्ट्रीज के सभागार में चेम्बर एवं जेसिया के संयुक्त तत्वावधान में ‘‘कृषि आधारित उद्योग‘‘ पर एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला में मुख्य अतिथि के रूप में ए.के. सिंह, सचिव, कृषि विभाग, झारखण्ड सरकार एवं विशिष्ट अतिथि  डॉ एम.पी. पाण्डेय, उपस्थित थे। इस कार्यशाला के माध्यम से कृषि आधारित उत्पादों को नई तकनीक से प्रसंस्करण कर बिक्री योग्य उत्पादन बनाने के लिएICAR पलान्डू समेत देश के 20 शोध संस्थानों एवं बिरसा कृषि विश्वविद्यालय द्वारा विकसित तकनीकों की जानकारी दी गई।
कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए चेम्बर अध्यक्ष रंजीत टिबडेवाल ने सभी लोगों का स्वागत करते हुए कहा कि इस तरह का प्रयास उद्यमियों एवं शोध संस्थानों के बीच पुल का काम करेगा तथा किताबों में बंद तकनीक राज्य की अर्थव्यवस्था में खाद्य सामाग्रियों के प्रसंस्करण में काम आयेगी। जेसिया के उपाध्यक्ष एवं इस कार्यक्रम संयोजक शरद पोद्दार ने झारखण्ड एवं राज्य सरकार द्वारा खाद्य प्रसंस्करण के विकास हेतु विभिन्न योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अरूण कुमार सिंह ने कृषि विभाग द्वारा चलाई जा रही विभिन्न परियोजनाओं की विस्तृत जानकारी दी एवं खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में असीम सम्भावनाओं पर प्रकाश डाला जिससे वहा  उपस्थित उद्यमी काफी प्रभावित हुये और इस क्षेत्र में निवेश हेतु नई उर्जा का संचालन हुआ।

ICAR के हिन्दुस्तान के 17 संस्थानों से आए वैज्ञानिकों के अलावा बिरसा एग्रीकल्चर यूनिवर्सिटी के विशेषज्ञ, कृषि एवं उद्योग विभाग के पदाधिकारी, राष्ट्रीय बागवानी मिशन एवं नाबार्ड के प्रतिनिधियों ने इस कार्यशाला में किसानों, उद्यमियों एवं एनजीओ के प्रतिनिधियों की शंकाओं का निराकरण किया। साथ ही ऋण उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु विभिन्न बैंकों के प्रतिनिधि भी इस कार्यशाला में उपस्थित थे जिन्होंने उद्यमियों के ऋण की आवश्यकता पर बल देते हुए उन्हें आसानी से ऋण उपलब्ध कराने हेतु आश्वस्त किया।

बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की ओर से वहा के उपकुलपति डॉ एम.पी. पाण्डेय ने बीपीडी यूनिट के माध्यम से प्राप्त होनेवाली सुविधाओं के बारे में सदस्यों को बताया जो कि कृषि क्षेत्र में निवेश करने को ईच्छुक हैं। साथ ही उन्होंने इस क्षेत्र में बिरसा कृषि विश्वविद्यालय की प्राथमिकताओं के बारे में जानकारी दी।

बीपीडी कन्सल्टेन्ट सिद्धार्थ जायसवाल ने बिरसा कृषि विश्वविद्यलय में अवस्थित बीपीडी यूनिट के बारे में बताते हुए कहा कि इस यूनिट के माध्यम से सभी प्रकार की तकनीकी एवं व्यवसायिक जानकारी एवं सहायता प्राप्त किया जा सकता है।

कार्यशाला में प्रतिभागियों के द्वारा उनकी अपेक्षाओं की जानकारी ली गई तथा वैसी अपेक्षाओं जो तकनीकी से सम्बन्धित थी, उनपर डॉ बी.पी. भट्ट ने तकनीक प्राप्त करने के लिए श्रोत अनुसंधान संस्थान की जानकारी दी। डॉ नाग, जो पूर्वी क्षेत्र के लिए बने प्रकोष्ट के प्रभारी हैं, ने रांची  में प्रकोष्ट की एक इकाई होने की जानकारी दी तथा एक सिंग्ल विण्डो से तकनीक सहायता मिलने के लिए हो रहे प्रयासों को बताया।

इस कार्यशाला के अंत में आगामी कार्यक्रम में बताया गया कि पंजीकृत उद्यमी के लिए ई-मेल से सम्बन्धित जानकारी भेंजने, डी.पी.आर बनाने तथा कृषि लोन लेने के लिए समन्वय का कार्य किया जायेगा। कार्यशाला में सब्जी बीज उत्पादन पर एक एमओयू अनुमेधा एग्रो इन्डस्ट्रीज के साथ किया गया।

इस कार्यशाला में चेम्बर उपाध्यक्ष रतन मोदी, बिकास कुमार सिंह, महासचिव प्रदीप कुमार जैन, कोषाध्यक्ष रंजीत गाडोदिया, कार्यक्रम संयोजक शरद पोद्दार, कार्यकारिणी सदस्य मनोज तुलस्यान, सदस्य विजय छापरिया, शंशांक भारद्वाज सहित काफी संख्या में सदस्य, प्ब्।त् पलान्डू के वैज्ञानिक, बैंकों के अधिकारी व नाबार्ड के प्रतिनिधि एवं राज्य के लगभग 180 उद्यमी एवं कृषि उत्पादकों ने भाग लिया।
जानकारी चेम्बर के महासचिव  प्रदीप कुमार जैन ने दी .

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