Raghubar Das
Latest News Politics Top News

झारखंड की जनता को सरकार से काफी अपेक्षाएं : रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखंड ]

Raghubar Dasराँची, झारखण्ड | जुलाई 24, 2015 :: झारखंड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि 15 अगस्त तक सभी छात्रों की छात्रवृति और छात्राओं की साइकिल की राशि उनके खातों में जमा करायें। श्री दास ने कहा कि वन पट्टा के मामले में निकटवर्ती प्रदेषों से हम काफी पिछड़ गये हैं । सभी जिलों को इस दिशा में तेजी से कार्य करने का उन्होंने निदेश दिया। वे आज प्रोजेक्ट भवन के नवनिर्मित कांफ्रेंस हाॅल में सभी विभागों के प्रधान सचिव/सचिव, प्रमण्डलीय आयुक्त और सभी जिला के उपायुक्तों की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने कहा कि राज्य में पहली बार बहुमत की सरकार का गठन हुआ है और जनता ने पहली बार परिपक्व मन से जनादेश दिया है। उन्होंने कहा कि झारखंड की जनता को सरकार से काफी अपेक्षाएं हैं और जिस प्रकार से सभी पदाधिकारियों ने बीते सात महीने में काम किया है उसे और आगे ले जाने की जरूरत है। इसलिए कार्य संस्कृति में बदलाव कर झारखंड को विकास की ओर ले जाने में अपनी सर्वश्रेष्ठ भूमिका निभायें। श्री दास ने कहा कि समीक्षा बैठक में चर्चा के दौरान खामियां उजागर होती हैं और उसी दौरान रास्ते भी निकलते हैं। उन्होंने कहा कि वे मानते हैं कि राज्य में मेैन पावर की काफी कमी है लेकिन नियुक्ति की प्रक्रिया जल्द ही शुरु हो जायेगी और विकास कार्यों को रफ्तार मिलेगी।
श्री दास ने कहा कि सभी पदाधिकारियों के समक्ष एक बड़ी चुनौती है कि कम मैेनपावर में बेहतर काम करना। ऐसे पदाधिकारियों को अवार्ड भी दिया जायेगा जो अपने जिले में विकास कार्यों को बेहतरीन ढंग से क्रियान्वित करेंगे। उन्होंने कहा कि समीक्षा के दौरान पाया गया कि कई विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में कई जिलों ने निराशाजनक प्रदर्षन किया है। इसलिए काम में तीव्रता लायें और शासक न बनें बल्कि एक सेवक के रूप में अपनी पहचान जनता के बीच में बनायें।
मुख्यमंत्री ने सभी उपायुक्तों को भरोसा दिलाया कि सरकार की कोई ऐसी मंषा नहीं है कि अधिकारियों का बार-बार तबादला हो। लेकिन यह भी सच है कि जो अधिकारी काम ठीक से नहीं करेंगे उन्हें बख्शा भी नहीं जायेगा। उन्होंने कहा कि मन लगाकर काम करें, पूरी तन्मयता के साथ विकास योजनाओं को अमलीजामा पहनायें। अगर आप अपने जिला में ठीक से काम कर रहे हैं तो आपका ट्रांसफर नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर पोस्टिंग में कोई पैरवी नहीं चलेगी। उन्होनंे कहा कि अधिकारी इस बात का ध्यान रखें कि तनख्वाह गरीब जनता देती है और गरीब जनता के प्रति उनकी जवाबदेही है। उन्होंने कहा कि सभी जिला के उपायुक्त हफ्ते में एकबार प्रखंड और पंचायत में जायें औश्र वहां के लोगों से सीधे संपर्क करें ताकि संबंधित क्षेत्र की समस्याओं का निदान हो सके। उन्होंने कहा कि वे हर महीने सभी उपायुक्तों की माॅनिटरिंग करेंगे और सभी उपायुक्त आयुक्त के माध्यम से निरीक्षण प्रतिवेदन मुख्य सचिव को भेजें।
श्री दास ने निदेश दिया कि जन वितरण प्रणाली को कंप्यूटराइजेंशन हर हाल में 15 अगस्त तक हो जानी चाहिए ताकि कालाबाजारी को रोका जा सके। उन्होंने गांव के विकास पर जोर देते हुए कहा कि अगर ग्रामीण क्षेत्रों का विकास होगा तभी राज्य का विकास होगा क्योंकि बड़ी आबादी गांव में बसती है। विकास योजनाओं को समयबद्ध पूरा करने का निदेष देते हुए उन्होंने कहा कि उपायुक्त यह सुनिष्चित करें कि योजनाओं की राषि सौ फीसदी खर्च हो। श्री दास ने कहा कि राज्य में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए पारसनाथ को इन्टरनेशनल टूरिस्ट प्लेस बनाने की प्रयास सरकार तेजी से कर रही है और जल्द ही वे पारसनाथ के विकास कार्यों को देखने के लिए वहां जायेंगे। उन्होंने शिक्षा विभाग के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि निर्धारित वक्त में स्कूलों में शौचालय निर्माण करने में विभाग ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।

समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव राजीव गौबा ने सभी उपायुक्तों को निदेष दिया कि 15 अगस्त के पूर्व छात्रवृति वितरण करें। उन्होंने कहा कि स्वीकृत्यादेष और आवंटन की प्रक्रिया आसान कर दी गयी है जिससे विकास कार्यों को अमलीजामा पहनाने में आसानी होगी। उन्होंने कहा कि वनाधिकार पटटा वितरण को लेकर दो महीने पहले निदेष दिया गया था कि जो भी लाभुक इस श्रेणी में आते हैं उन्हें पट्टे का वितरण किया जाये लेकिन अभी तक सकारात्मक नतीजे सामने नहीं आये हैं। श्री गौबा ने कहा कि वनाधिकार पट्टा वन में रहने वाले लाभुकों के लिए आजीविका का एक महत्वपूर्ण साधन है इस दिशा में तेजी से कार्य करने की जरूरत है। मुख्य सचिव ने उपायुक्तों केा निदेश दिया कि वे ग्राम सभा का आयोजन कर और क्लैम जेनरेट कर निदान की दिषा में कदम बढ़ायें। प्राप्त सभी आवेदनों को उपायुक्त ग्रामसभा से संग्रह कर कार्य करें।
श्री गौबा ने उपायुक्तों को संबोधित करते हुए कहा कि जिला में जितनी भी मषीनरी है, उन्हें अन्य कार्यों के साथ इस कार्य में भी लगायें साथ ही महीने में एक समीक्षा बैठक कर अद्यतन प्रतिवेदन विभाग को भेंजे। साथ ही सभी उपायुक्त हफ्ते में एक बार किसी एक प्रखंड का दौरा कर वहां की समस्याओं से रूबरू हों। इससे व्यापक पैमाने पर योजनाओं का सत्यापन हो सकेगा। उन्होंने कहा कि विभिन्न क्षेत्रों में आने वाली समस्याओं के निदान हेतु उपायुक्त निर्णय लेने के लिए खुद सक्षम हैं। इसलिए निर्णय को लेकर कार्यों का जल्द निष्पादन करें। श्री गौबा ने कहा कि सड़क, स्वास्थ्य केन्द्र , डाॅक्टरों की प्रतिनियुक्ति, आंगनबाड़ी सेंटर, वृद्धा पेंषन का आवंटन और साइकिल वितरण समेत एरिगेशन सुविधाओं के क्षेत्र में तीव्र गति से कार्य करें।
समीक्षा बैठक के दौरान ग्रामीण विकास विभाग के प्रधान सचिव श्री एन॰एन॰ सिन्हा ने विभाग के कार्यों का प्रजेंटेषन देते हुए कहा कि जो भी लोग मनरेगा के अन्तर्गत काम मांगने आते हैं उन्हें लिखित रसीद दें। साथ ही पुरानी योजनाएं जो लंबित हैं और तकनीकी तौर पर पूरी नहीं हो पा रही हैं। उन्हें क्लोज करते हुए राषि को संबंधित विभाग में वापस करें। खाद्य वितरण के संबंध में उन्होंने कहा कि ऐसी जगह जहां वितरण में परेषानी आ रही है वहां अतिरिक्त खर्च दिया जायेगा। प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना के संबंध में उन्होंने उपायुक्तों को निदेष दिया कि अपने अपने जिलों में 4 अगस्त से 6 अगस्त तक विषेष कैंप लगाकर लोगों को जागरुक करें साथ ही उनका बीमा करायें। इसकी एक साल की किस्त झारखंड सरकार सभी बीपीएल परिवारों को देगी।
समाज कल्याण विभाग की प्रधान सचिव श्रीमती मृदुला सिन्हा ने कहा कि उपायुक्तों ने समाज कल्याण के क्षेत्र में बेहतर कार्य किया है। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी सेविकाओं को जो मानदेय दिया जाता है उसे हर महीने की प्रथम सप्ताह में सीधे उनके खाते में भुगतान कर दिया जाना चाहिये। कल्याण विभाग की सचिव श्रीमती वंदना डाडेल ने उपायुक्तों से कहा कि इस वर्ष साइकिल वितरण की राशि सीधे लाभुकों के खाते में भेजी जायेगी।
वन एवं पर्यावरण विभाग के प्रधान सचिव सुखदेव सिंह ने उपायुक्तों को निदेश दिया कि वन पट्टा देने में अगर डीएफओ लापरवाही बरतते हैं तो उसकी सूचना तुरंत विभाग को दें। वहीं षिक्षा विभाग की सचिव श्रीमती आराधना पटनायक ने कहा कि विभाग ने सभी स्कूलों में 15 हजार 797 शौचालय निर्माण का लक्ष्य रखा था जिसमें से 14 हजार 120 शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। और उम्मीदह ै कि 30 जुलाई तक इस लक्ष्य को हासिल कर लिया जायेगा।उन्होनंेबताया कि राज्य के सभी सरकारी स्कूलों में मेल और एक फीमेल शौचालय का निर्माण किया जा रहा है। आरईओ सचिव श्री एम॰आर॰मीणा ने कहा कि प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना में क्वालिटी की लगातार माॅनिटरिंग और निरीक्षण किया जाना चाहिए।
बैठक में मुख्य रूप से कृषि विभाग के सचिव नीतिन मदन कुलकर्णी, राजस्व एवं भूमि सुधार सचिव के के सोन, खाद्य एवं जनवितरण विभाग के सचिव विनय कुमार चैबे, उद्योग निदेशक के रविकुमार समेत सभी संबंधित विभागों के सचिव व सभी प्रमंडलों के आयुक्त व उपायुक्त उपस्थित थे।

Share

Leave a Reply