प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर मीडिया कौंसिल का गठन किया जाना चाहिये : संजय राठी [ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ]
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प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर मीडिया कौंसिल का गठन किया जाना चाहिये : संजय राठी [ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ]

प्रेस कौंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर मीडिया कौंसिल का गठन किया जाना चाहिये : संजय राठी [ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष, नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स ]रोहतक, हरियाणा 18 मार्च 2015 :: एकता, अनुशासन और संघर्ष ही पत्रकारों को उनके अधिकार दिलवा सकता है। बाजारवाद एवं मुनाफाखोरी की प्रवृत्तियों के दबाव में पत्रकारिता चुनौतिपूर्ण दौर से गुजर रही है। इसके परिणामस्वरूप जनपक्ष के साथ खिलवाड़ हो रहा है। इसका सीधा दुष्प्रभाव लोकतन्त्र पर पड़ रहा है।
उक्त उद्गार नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष एवं हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के अध्यक्ष संजय राठी ने ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश) में आयोजित राष्ट्रीय परिषद् की बैठक में व्यक्त किये। उन्होंने कहा कि मीडिया में पेड़ न्यूज की प्रवृत्ति अत्यन्त तेजी से बढ़ रही है। जिसका सीधा प्रभाव मीडिया की विश्वसनीयता पर पड़ रहा है। जिसके चलते पत्रकारों को भी अनापेक्षित परिस्थितियों का सामना करना पड़ रहा है।
एन.यू.जे. के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय राठी ने मीडिया प्रबन्धन द्वारा ठेका प्रथा के तेजी से बढ़ रहे प्रचलन पर गहरी चिन्ता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि ठेका प्रथा से पत्रकारिता की मूल भावना तथा कत्र्तव्यबोध प्रभावित हो रहा है। प्रबन्धन के दबाव में खबरों और तथ्यों से मनमाफिक तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत किया जा रहा है। खोजपूर्ण एवं तथ्यात्मक समाचारों की कमी दिखती है। समाज के दलित, शोषित और उपेक्षित वर्गों की अवहेलना हो रही है। किसान और मजदूर मीडिया के हाशिये पर चले गये हैं। अपराध, महंगाई तथा भ्रष्टाचार की खबरें मात्र औपचारिकता भर रह गयी हैं।
वरिष्ठ पत्रकार संजय राठी ने आगे कहा कि पेड़ न्यूज व ठेका प्रथा की कुप्रवृत्तियों के चलते पूरे देशभर में मीडियाकर्मियों पर हमले बढ़ रहे हैं। यह बेहद चिन्ता का विषय है। नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स पिछले लम्बे समय से जर्नलिस्ट्स प्रोटेक्शन एक्ट बनाने के लिये संघर्षरत है। पत्रकारों की सुरक्षा एवं उपयुक्त वातावरण बनाने के लिये मीडिया प्रोटेक्शन एक्ट बनाया जाना चाहिये।
नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष संजय राठी ने कहा कि वर्तमान चुनौतीपूर्ण हालात में प्रैस कौंसिल ऑफ इंडिया के स्थान पर मीडिया कौंसिल का गठन किया जाना चाहिये। इसके साथ ही कौंसिल को और अधिक अधिकार प्रदान किये जाने चाहियें जिससे पत्रकारों के साथ हो रही ज्यादतियों पर अंकुश लग सके। इसे मीडियाकर्मियों का मनोबल और आत्मविश्वास बढ़ सकेगा।
उन्होंने कहा कि मजिठिया वेज बोर्ड की सिफारिशों को उच्चतम न्यायालय के आदेशों के बावजूद प्रबन्धक हठधर्मिता अपनाये हुए हैं। प्रबन्धन मीडियाकर्मियों को ट्रेड यूनियनों से दूर रहने की हिदायतें दे रहे हैं। इसके अलावा पत्रकारों से अन्यायपूर्ण एवं असंवैधानिक समझौते करने के लिये बाध्य किया जा रहा है। जो बेहद अनैतिक एवं दूर्भाग्यपूर्ण है। इन मुद्दों को लेकर यूनियन देश भर में आन्दोलन चलायेगी। जिसकी शुरूआत में जन्तर-मन्तर पर यूनियन की ओर से सांकेतिक धरना दिया जायेगा तथा केन्द्र सरकार को मजिठिया वेजबोर्ड की सिफारिशें लागू करने की अपील की जायेगी।
संजय राठी ने कहा कि हरियाणा यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के प्रादेशिक अधिवेशन मई माह में फरीदाबाद में आयोजित किया जायेगा। इसमें केन्द्रीय मंत्री चौ. बीरेन्द्र सिंह, मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर, केन्द्रीय मंत्री राव इन्द्रजीत सिंह तथा वित्त मंत्री कैप्टन अभिमन्यु को आमन्त्रित किया जायेगा। इनके अलावा नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स के राष्ट्रीय अध्यक्ष उप्पला लक्ष्मण, महासचिव प्रसन्ना मोहन्ती, प्रैस काऊंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य एवं पूर्व अध्यक्ष प्रज्ञानन्द चौधरी, पूर्व अध्यक्ष डॉ. एन.के. त्रिखा, पूर्व अध्यक्ष राजेन्द्र प्रभु तथा पी.के. राय सहित अनेक नेता भाग लेंगे। इसके साथ ही राष्ट्रीय स्तर के अनेक मीडिया विशेषज्ञों को भी आमंत्रित किया जायेगा। अधिवेशन में प्रदेशभर से मीडियाकर्मी भाग लेंगे।
राष्ट्रीय परिषद् की ओंकारेश्वर (मध्य प्रदेश) में आयोजित नेशनल यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स की राष्ट्रीय परिषद् की बैठक में हरियाणा से कार्यकारिणी के सदस्य संजय राय, कार्यकारी अध्यक्ष एवं कार्यकारिणी के सदस्य संदीप मलिक, वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं विशेष आमंत्रित सदस्य सुरेन्द्र दुआ, विशेष आमंत्रित सदस्य अजय भाटिया, वरिष्ठ पत्रकार जसबीर मलिक, विपुल कौशिक, राधेश्याम वर्मा, भूपेश शर्मा, श्यामलाल बंसल, सत्यनारायण गुप्ता और जितेन्द्र शर्मा ने भाग लिया।

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