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अंतर्राज्य परिषद् की ग्यारहवी बैठक राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित

नई दिल्लीनई दिल्ली । जुलाई । 16, 2016 ::  प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में अंतर्राज्य परिषद् की बैठक राष्ट्रपति भवन, नई दिल्ली में आयोजित की गई। यह बैठक पिछले लगभग 10 वर्षों बाद आयोजित की गई। इसमें अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ झारखण्ड के मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने भी भाग लिया। बैठक में अनुदान लाभ एवं लोक सेवाओं में आधार का उपयोग, शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और आंतरिक सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा हुई।

                मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने प्रधानमंत्री, केन्द्रीय गृह मंत्री, सभी केन्द्रीय मंत्रीगण, विभिन्न राज्यों से आये मुख्यमंत्रीगण तथा भारत सरकार के विभिन्न मंत्रालयों एवं राज्यों के वरिष्ठ पदाधिकारीगणों को समस्त झारखण्ड वासियों की तरफ से अभिवादन करते हुए कहा कि हमारा देश विविधताओं से भरा एक संघीय देश है। इसी संघीय ढांचे को लेकर केन्द्र एवं राज्यों के संबंधों के ऊपर गठित पूँछी आयोग द्वारा कुल 273 अनुशंसाएँ की गई थीं। उक्त सभी अनुशंसाओं के संबंध में राज्य सरकार ने अपना मंतव्य गृह मंत्रालय, भारत सरकार को उपलब्ध करा दिया है।

                मूलतः पूँछी आयोग की अनुशंसाएँ Strong centre एवं Strong State के सिद्धांत पर आधारित है। पूँछी आयोग द्वारा अनुशंसित Cooperative Federalism की दिशा में किए जाने वाले हर प्रयास पर राज्य सरकार की सहमति है।

                मुख्यमंत्री रघुवार दास ने परिचर्चा के दूसरे बिन्दु लोक सेवाओं में आधार के उपयोग के संबंध में कहा कि झारखण्ड में वर्ष 2011 की जनगणना के अनुसार कुल आबादी 3.29 करोड़ का 92 प्रतिशत यानि 3.02 करोड़ लोग आधार संख्या से आच्छादित हैं। बची हुई आबादी में अधिकतर संख्या 0-5 साल एवं 6-18 साल के बच्चों की है जिसको भी शत प्रतिशत जल्द पूरा करने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। झारखण्ड राज्य में आधार का उपयोग करते हुए कार्यालयों में कर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने हेतु बायोमेट्रिक उपस्थिति प्रणाली का उपयोग प्रारंभ करने में अग्रणी रहा है।

                आधार के उपयोग से डी0बी0टी0 के माध्यम से राष्ट्रीय सामाजिक सुरक्षा एवं राज्य सामाजिक सुरक्षा पेंशन में 35 प्रतिशत लाभुकों का भुगतान किया जा रहा है। मनरेगा मजदूरी में करीब 16 प्रतिशत लाभुकों का भुगतान डी0बी0टी के रूप में प्रारंभ किया जा चुका है। परंतु मनरेगा के कुल श्रमिकों में से करीब 60 प्रतिशत श्रमिकों का खाता डाकघर में होने के कारण डी0बी0टी0 में अपेक्षित प्रगति नहीं हो सकी है। मार्च 2017 तक सभी डाकघरों को ब्ठै च्संजवितउ पर लाकर मनरेगा का शत प्रतिशत भुगतान डी0बी0टी0 के रूप में करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। हम राज्य के छः जिलों चतरा, गिरिडीह, पूर्वी सिंहभूम, खँूटी, हजारीबाग तथा जामताड़ा में किरोसिन तेल का वितरण मच्वै मशीन से 2 अक्टूबर, 2016 से प्रारंभ करने जा रहे हैं। वित्तीय वर्ष 2016-17 में सभी प्रकार की छात्रवृति का शत प्रतिशत भुगतान डी0बी0टी0 के माध्यम से ही करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

                बैठक के तीसरे बिन्दु शिक्षा की गुणवत्ता पर बोलते हुए मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि राज्य में सन् 2015 में लगभग 18,000 शिक्षकों की नियुक्ति प्राथमिक एवं उच्च विद्यालयों में की गई है। झारखण्ड के परिप्रेक्ष्य में प्राथमिक कक्षाओं के लिए जनजातीय भाषा में पाठ्य पुस्तकें तैयार की गई हैं, जैसे-हो, संथाली, मुण्डारी, कुड़ुख एवं खड़िया।

                बालिका शिक्षा को प्रोत्साहित करने हेतु राज्य के 57 प्रखण्डों में झारखण्ड बालिका आवासीय विद्यालय की स्थापना की गई है। बालिकाओं को प्रारंभिक शिक्षा से माध्यमिक शिक्षा में जोड़ने हेतु मुख्यमंत्री विद्या लक्ष्मी योजना प्रारंभ की गई है।

                माननीय मुख्यमंत्री जी ने कहा कि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में झारखण्ड राज्य का सकल नामांकन अनुपात ;ळतवेे म्दतवसउमदज त्ंजपवद्ध वर्ष 2013-14 के अनुसार 13.1 प्रतिशत है। राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2022 तक इसे 32 प्रतिशत करने का लक्ष्य रखा गया है। झारखण्ड में शीघ्र ही रक्षा शक्ति विश्वविद्यालय की भी स्थापना की जा रही है। मुख्यमंत्री ने केन्द्र से आग्रह किया कि झारखण्ड जैसे पिछड़े राज्य में विश्वविद्यालय स्थापित करने में सहयोग करें।

                मुख्यमंत्री रघुवर दास ने बैठक के चैथे बिन्दु आंतरिक सुरक्षा पर बोलते हुए कहा कि झारखण्ड राज्य के अंतर्गत नक्सली घटनाओं में वर्ष 2014 के अनुपात में 2015 में 14.89 प्रतिशत तथा इस वर्ष 2016 (जून माह तक) 37.64 प्रतिशत की कमी आयी है।

                राज्य पुलिस के पुनर्गठन के क्रम में वर्ष 2016 में विभिन्न श्रेणी के थानों एवं ओ0पी0 की संख्या भी 431 से बढ़ा कर 606 की गई है। महिलाओं एवं बच्चों को समुचित सुरक्षा प्रदान करने के लिये सरकार की ओर से वृहत पैमाने पर कदम उठाये गये हैं। एक नीतिगत फैसले के तहत पुलिस विभाग में 33 प्रतिशत पदों को महिलाओं के लिये आरक्षित किया गया है। राज्य की पिछड़ी आदिम जनजाति को मुख्यधारा से जोड़ने एवं उन्हें रोजगार का अवसर प्रदान करने के लिए दो विशिष्ट इंडिया रिजर्व (आदिम जनजाति) बटालियन का गठन किया गया है।

                अंत में मुख्यमंत्री  रघुवर दास ने विश्वास जताया कि आज की बैठक एवं विचार-विमर्श से काफी सार्थक परिणाम निकलेंगे तथा केन्द्र और राज्य सरकार के समन्वित प्रयास से सम्पूर्ण देश प्रगति के पथ पर तेजी से अग्रसर हो सकेगा।

                बैठक में मुख्यमंत्री रघुवर दास के साथ राज्य की मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने भी भाग लिया।

 

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