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छऊ कलाकारों के हुनर को निखारेगी राज्य सरकार : अनिल कुमार सिंह [ निदेशक, कला-संस्कृति ]

06-Chauरांची, झारखण्ड । अप्रैल । 06, 2016 ::  कला-संस्कृति निदेशक अनिल कुमार सिंह ने कहा है कि राज्य सरकार छऊ कलाकारों को प्रोत्साहित कर उनके हुनर को निखारेगी। छऊ नृत्य हमारी सांस्कृतिक धरोहर है, जिसे न केवल संरक्षित करना है, बल्कि इस विधा से जुड़े हर कलाकार को देश के फलक पर एक अहम मुकाम हासिल करने में पूरी मदद भी करनी है। श्री सिंह बुधवार को सरायकेला-खरसावां में छऊ महोत्सव के चौथे दिन नृत्य प्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह को संबोधित कर रहे थे।

श्री सिंह ने कहा कि पर्यटन व कला-संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित इन कार्यक्रमों में दूर-दूर से कलाकार आ रहे हैं, जिससे यह सिद्ध होता है कि छऊ के प्रति लोगों में आज से 50 साल पहले जो दीवानगी थी, वह आज भी कायम है। इस अवसर पर राजकीय छऊ कला केंद्र के निदेशक गुरु तपन कुमार पटनायक ने कहा कि छऊ नृत्य के साथ-साथ इस विधा से जुड़े हर तरह के कलाकारों को प्रोत्साहित करने की भरपूर कोशिश हो रही है। इसी कड़ी में छऊ मुखौटा बनाने हेतु एक कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस कार्यशाला में 40 स्थानीय युवा कलाकारों ने भाग लिया, जिन्होंने 100 से ज्यादा बेहतरीन मुखौटे बनाये। इन्हें छऊ मुखौटा निर्माण में दक्षता का प्रमाण पत्र भी सौंपा गया।

आज आयोजित कार्यक्रमों में सरायकेला छऊ नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन मुख्य आकर्षण रहा। प्रतियोगिता में 20 टीमों ने भाग लिया। प्रत्येक टीम में 20 कलाकार थे। करीब 400 छऊ नृतकों ने आकर्षक नृत्य प्रस्तुत कर लोगों का मन मोह लिया। सात अप्रैल को मां झूमकेश्वरी की पूजा पाहनों द्वारा की जाएगी। आठ अप्रैल को मानभूम नृत्य प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा।

छऊ नृत्य महोत्सव नौ अप्रैल से अपने चरम पर होगा। 10 अप्रैल को सरायकेला छऊ, सुजाता लहरी बैले ग्रुप, ओडीसी, गरबा नृत्य, मानभूम छऊ, मयूरभंज छऊ की प्रस्तुति होगी। 11  अप्रैल को खरसावां छऊ, गोटीपुआ नृत्य, लावनी नृत्य, घुमरकालवेलिया, विहू, आसामियां लोक नृत्य, सींगुवा छऊ, सरायकेला छऊ नृत्य प्रस्तुत किये जाएंगे, जबकि 12 अप्रैल को कार्यक्रम का समापन एवं कलाकारों को सम्मानित किया जाएगा।

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