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नोटिस राजनेतिक से प्रेरित : अरविन्द केजरीवाल

नई दिल्ली। आयकर विभाग की तरफ से टीम अन्ना के सदस्य अरविन्द केजरीवाल को मिले नोटिस का जबाव आज केजरीवाल ने प्रेस कान्फ्रेंस में दिया। अरविन्द केजरीवाल ने कहा कि उन्हें आयकर विभाग का नोटिस राजनीति के दबाव में मिला है। केजरीवाल को मिले नोटिस में 9 लाख रूपए चुकाने को कहा है। विभाग के अनुसार वे दो साल तक स्टडी लीव पर रहकर तनख्वाह लेते रहे। इसके लिए उन्हें दो साल की तनख्वाह ब्याज समेत चुकानी होगी।
केजरीवाल ने कहा कि चूंकि उन्होंने जीपीएफ का पैसा अब तक सरकार से नहीं लिया है, इसलिए वे सरकार से यह रकम पाने के हकदार है। उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग के नोटिस में कहा गया है कि केजरीवाल भारतीय राजस्व सेवा की नौकरी की दो साल की सैलरी का साढे तीन लाख रूपए और उसका ब्याज 4 लाख सोलह हजार रूपए लौटाएं, यही नहीं केजरीवाल से 50 हजार रूपए का कम्प्यूटर लोन, जो ब्याज के साथ एक लाख रूपए हो चुका है, लौटाने को कहा गया। आयकर विभाग का आरोप है कि भारतीय राजस्व राजस्व सेवा में नौकरी के लिए जिस बांड पर हस्ताक्षर किया था, उसका केजरीवाल ने उल्लंघन किया है। आयकर विभाग के नोटिस का जवाब देते हुए केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने किसी नियम नहीं तोडा। उल्टे उन्होंने नोटिस के समय पर सवाल उठाए है।
केजरीवाल ने कहा कि विभाग ने इस वर्ष 5 अगस्त को अन्ना के अनशन से ठीक पहले नोटिस भेजा, जिससे उसकी मंशा जाहिर हो सकती है। केजरीवाल का कहना है कि उन्होने जिस बांड पर हस्ताक्षर किए थे, उसमें केवल ये कहा गया था कि वे स्टडी लीव के दौरान नौकरी न तो छोड सकते है, न रिटायर हो सकते है। इस शर्त को उन्होंने अच्छी तरह से पूरी की। केजरीवल के अनुसार शर्तो के अनुसार वो दंड के हकदार तब होते, जब वो स्टडी लीव समाप्त होने के बाद ड्यूटी पर नहीं आते, या इस्तीफा दे देते, या सर्विस से रिटायर हो जाते या ड्यूटी पर लौटने के बाद तीन साल के समय में अपना कोर्स पूरा करने में नाकाम रहते।

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