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पैक्स का एसडीसी में स्टेट कन्सल्टेशन आॅफ आरएसबीवाई

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रांची, झारखंड 10 जनवरी 2014 :: झारखंड के श्रम विभाग के प्रधान सचिव विष्णु कुमार ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई ) एक महत्वाकांक्षी योजना है. योजना क तहत अगर लाभूक को 30 दिनों में भुगतान 30 नहीं किया जाता है, तो इसकी शिकायत डीसी से करें. यह योजना समाज के अंतिम व्यक्ति के लिए लाभप्रद है. यह बातें मुख्य अतिथि के तौर पर श्री कुमार ने पैक्स द्वारा एसडीसी में आयोजित स्टैट कन्सल्टेशन  आॅफ आरएसबीवाई  कार्यशाला में कही.

श्री कुमार ने कहा कि आरएसबीवाई  के तहत आंगनबाड़ी सेविकाओं को बीमा कराने के लिए पैसे दिये जाते हैं. पंचायत स्तर पर आंगनबाड़ी सेविकाओं को चार रुप्ये प्रति कार्ड मिलते हैं. उन्होंने कहा कि अस्पताल में सही तरीके से इलाज कराये जाने चाहिए. चिकित्सक अपनी सेवा ईमानदारी से पूरी करे. मरीजों की संख्या में बढ़ोत्तरी हो. इस योजना को धरातल पर क्रियान्वयन करने के लिए सिविल सोसाइटी के लोगों का आगे आना होगा. पैक्स, झारखंड इस योजना के क्रियान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है.

प्रधान सचिव श्रम विभाग के विष्णु कुमार ने कहा कि झारखं डमें 209 अस्पताल हैं और 205 प्राइवेट अस्पताल हैं. प्राइमरी हेल्प सेंटर 10 बेड होनी चाहिएं ओर सरकारी अस्पताल में 5 बेड होनी चाहिए. आरएसबीवाई  के लाभ लेने के लिए इतना बेड होना चाहिए.

श्री कुमार ने कहा कि झारखंड में सामाजिक सुरक्षा गठित की गयी है, जो झारखंड के सात जिलों में काम कर रही है. पैक्स 93 प्रखंडों में काम कर रही है. आरएसबीवाई  को मजबूत बनाने के लिए 18 जनवरी को पश्चिम सिंहभूम ओर साहेबगंज में 300 मित्र का पंजीकरण किया जायेगा, जो कि इन जिलों में काम करेगा. गांवों में जागरूकता फैलाया जायेगा.

इस मौके पर एनएचआरएम के रिजनल डायरेक्टर टुलुल हेंब्रम ने कहा कि सरकारी विभागों को ज्यादा से ज्यादा भागीदारी मिले. इस योजना में सरकार के स्वास्थ्य विभाग के सभी अधिकारी भाग लें. अधिकारी ज्यादा से ज्यादा आरएसबीवाई  योजना को क्रियान्वयन करायें. श्री हेंब्रम ने कहा कि पैक्स जैसे सिविल सोसाइटी के साथ सरकारी विभाग, श्रम विभाग और चयनित इंषोयरोंष एजेंसी एक साथ मिलकर काम करें.

 पैक्स के स्टेट मैनेजर जाॅनसन टोपनो ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत आम लोगों की बीमा करायी जाती है। यह एक महत्वाकांक्षी योजना है, जिससे आम लोगों को लाभ मिलेगा। इस योजना के संचालन में सिविल सोसाइटी के आने से काम में गुणवत्ता आयेगी। झारखंड के आदिम जनजाति और जनजाति बहुल क्षेत्रों में ऐसे महत्वाकांक्षी योजना की जरूरत है. लेकिन कुछ जगहों पर निजी इंष्योरेंस कंपनी की मनमानी चलायी जा रही है. इसे रोकना हमारा दायित्व है. हमें इस योजना को केरल माॅडल के रूप् में अपनाना होगा. केरल में स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई ) सफलता के कई परचम लहरा रहा है.

पैक्स के प्रोग्राम मैनेजर अनु ने कहा कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य बीमा योजना (आरएसबीवाई ) से राज्य की अंतिम व्यक्ति को लाभ मिलेगा. हमें इसे गांवों तक पहुंचाना है. सिविल सोसाइटी के लोग इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं. सिविल सोसाइटी और राज्य सरकार को एक तालमेल के तहत काम करने होंगे, जिससे आरएसबीवाई  हर मुहल्ले और हर टोलों में पहुंच सके. राज्य में मजदूर वर्ग इसका सबसे ज्यादा लाभ ले सकते हैं.

पैक्स के प्रोग्राम मैनेजर विमल ने कहा कि झारखंड में सबसे ज्यादा ट्राइबस रहते हैं. ये लोग बाहर के शहरों में भी नौकरी करते हैं. इन्हें स्वास्थ्य बीमा कराना जरूरी है. एक ऐसा योजना बने, जिससे आम लोगों को लाभ मिले. सिविल सोसाइटी के आने से लोगों में जागरुकता बढ़ी है. हमें और भी प्रचार-प्रसार करने की जरूरत है. सरकार के साथ हमें मिलकर काम करने होंगे.

इस मौके पर पैक्स सहित राज्य के कई संस्थाओं में अपना वक्तव्य दिया. साथ ही, आरएसबीवाई  के बारे में लोगों को जानकारी दी.

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