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बेहतर प्रबंधन और सकारात्मक कार्यप्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता : हेमन्त सोरेन [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]

राँची, 22 जनवरी 2014 :: राज्य जिस Lens Eye - News Portal -   बेहतर प्रबंधन और सकारात्मक कार्यप्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता : हेमन्त सोरेन [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]दौर से गुजर रहा है वहाँ बेहतर प्रबंधन और सकारात्मक कार्यप्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता है, तभी राज्य को विकास के पथ पर आगे ले जा सकेंगे। आज का युग तकनीकी युग है, जिसमें बहुत कम समय में बहुत कुछ किया जा सकता है। आवश्यकता है बेहतर कार्य प्रणाली के विकास की। समय यह है कि  मजबूती के साथ कठोर निर्णय लेते हुए आगे बढ़ा जाए।

उपरोक्त बातें हेमन्त सोरेन [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ] ने आज स्थानीय बी0एन0आर0 चाणक्या होटल में “और कितना वक्त चाहिए झारखण्ड को ?’’ पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा।

श्री सोरेन ने कहा कि यह सही वक्त है जब बिना कोई गलती किए हर व्यक्ति को अपना कर्तव्य का निवर्हन करना होगा। राज्य का विकास तभी सुनिश्चित है जब हर व्यक्ति अपनी जिम्मेवारी को स्वयं सुनिश्चित करें। यह तय करे कि हमें क्या करना चाहिए, हम क्या कर रहे हैं और हमारा लक्ष्य क्या है। नई सोंच, नए विचार के साथ दृढ़ता पूवर्क आगे आना होगा। नौकरी को एक कोरम के रूप में नहीं बल्कि एक जिम्मेवारी के साथ करने की आवश्यकता है। संसाधन और निधि की कोई कमी नहीं है, आवश्यकता है बेहतर प्रबंधन की।

Lens Eye - News Portal -   बेहतर प्रबंधन और सकारात्मक कार्यप्रणाली स्थापित करने की आवश्यकता : हेमन्त सोरेन [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]उन्होंने कहा कि झारखण्ड की एक अलग प्रकृति है। समय के अनुसार बदलाव आवश्यक है। कोई भी निर्णय हमेशा के लिए उपयुक्त नहीं हो सकता है। परिस्थिति एवं स्थान विशेष की आवश्यकतानुसार नई सोंच को अपनाते हुए झारखण्ड को बेहतर बनाया जा सकता है। सुदूरवर्ती ग्रामीण क्षेत्र में लोग परम्परागत जीवनशैली के साथ जुड़े हैं। उन्हें उनकी जीवनशैली के आधार पर विकास के साथ जोड़ना होगा। लोगों को कार्य व्यवस्था से परिचित कराना होगा, जनजन तक योजनाओं की पूरी जानकारी पहुँचानी होगी, तभी पलायन अथवा विस्थापन को रोका जा सकता है। विस्थापन किसी व्यक्ति का नहीं बल्कि पूरे समाज का होता है। अतः आमजन में विश्वास पैदा करते हुए राज्य को विकास के पथ पर ले जाना आवश्यक है। समस्याएं कभी खत्म नहीं होती, परन्तु एक एक कर उनका निराकरण करना आवश्यक है। जनता को उनकी समझ एवं उनकी इच्छा से कहीं बेहतर देकर उनमें पनपने वाली असंतोष की भावना को खत्म किया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि राज्य हमारा है, आपका है, हम सब को मिलकर इसे आगे बढ़ाना है। राज्य को अपने प्राकृतिक एवं वास्तविक स्थिति के साथ विकसित करना होगा और इस तरह अब झारखण्ड को और वक्त नहीं लगना चाहिए।

कार्यक्रम में राजेन्द्र प्रसाद सिंह [ वित्त मंत्री, झारखण्ड ] ने कहा कि हम भाषण में नहीं काम पर विश्वास रखते हैं। पथ, शिक्षा, उर्जा जैसे विकास के आधारभूत संरचना के साथ राज्य को शीघ्र विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है। समारोह को बाबूलाल मरांडी[ पूर्व मुख्यमंत्री, झारखण्ड  ], सी0पी0सिंह [पूर्व विधान सभा अध्यक्ष, झारखण्ड ] , सुबोधकांत सहाय [सांसद ]  ने भी सम्बोधित किया। इस अवसर पर मुख्य सचिव आर0एस0शर्मा, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव  सुखदेव सिंह, विकास भारती के अशोक भगत समेत गणमान्य लोग उपस्थित थे।

 

Source :: IPRD, Jharkhand

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