Lens Eye - News portal - मनरेगा मजदूरों की मांगें शीघ्र पूरी होगी : ददई [ ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री सह श्रम मंत्री, झारखण्ड ]
Latest News Top News

मनरेगा मजदूरों की मांगें शीघ्र पूरी होगी : ददई दुबे [ ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री सह श्रम मंत्री, झारखण्ड ]

Lens Eye - News portal - मनरेगा मजदूरों की मांगें  शीघ्र पूरी होगी : ददई [ ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री सह श्रम मंत्री, झारखण्ड ] रांची, झारखण्ड 28 जनवरी 2014 ::  मनरेगा मजदूरों की मांग शीघ्र पूरी की जायेगी. मजदूरों की मांग के अनुरूप् 150 दिनों का काम दिया जा रहा है. मजदूरों को भुगतान ससमय पर हो, इसके लिए भी कोशिशें की जा रही है. उक्त बातें ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री सह श्रम मंत्री ददई दुबे ने कही. श्री दुबे आज पैक्स द्वारा हरमू मैदान के पटेल पार्क में मजदूर सम्मेलन में आये 7 हजार मजदूरों को संबोधित कर रहे थे.

श्री दुबे ने कहा कि सम्मेलन में जारी 16 प्रमुख मांगों को शीघ्र पूरा किया जायेगा. यह मैं आप सबों को आश्वासन देता हूं. आपकी मांगेे फरवरी में ही पूरी हो जायेगी. राज्यस्तरीय बैठक में मनरेगा मजदूरों की मांगें के अलावा कई समाजिक कल्याण से संबंधित कार्यों पर ध्यान भी रखा जायेगा.

मनरेगा के तहत मजदूरों को सभी सुविधाएं मिले, इसके लिए विभाग पूरी तरह कटिबद्ध है. उन्होंने कहा कि मनरेगाकर्मियों को हमारी सरकार ने ईपीएफ की सुविधाएं दी है. इसके अलावा राज्य स्तर पर होनेे वाली बहालियों में 50 प्रतिशत तक आरक्षित रखा गया है. मनरेगा मजदूरों की मांगों को पूरा करने के लिए फरवरी की बैठक में रखी जायेगी. उन्होंने कहा कि पंचायती राज के तहत मिलने वाली शक्तियों को विकेंद्रीकृत की जा रही है. हमारी सरकार ने नौ विभागों को काम का वितरण किया गया है. ये सभी विभाग में कई काम हैं, जो मजदूरों के लिए हैLens Eye - News portal - मनरेगा मजदूरों की मांगें  शीघ्र पूरी होगी : ददई [ ग्रामीण विकास मंत्री, पंचायती राज मंत्री सह श्रम मंत्री, झारखण्ड ]इस मौके पर कृषि मंत्री योगेंद्र साव ने कहा कि मनरेगा मजदूरों को नकद भुगतान होने चाहिए. अगर हम ऐसा कर पाये, तो राज्य में मनरेगा सबसे सफल योजना में से एक होगी. हम सरकार में रहते हुए इस ओर कोशिश कर रहे हैं.

इस मौके पर सर्ड निदेशक आर पी सिंह ने कहा कि भारत की आत्मा गांवों में बसा करती है. पैक्स द्वारा आयोजित मनरेगा मजदूर सम्मेलन मजदूरों की आवाज है. इसके जरिये मजदूरों की मांगों को पूरा किया जा सकता है.

इस मौके पर पैक्स के स्टेट मैनेजर जाॅनसन टोपनों ने कहा कि पैक्स 12 जिलों के 42 प्रखं ड के कई नागर समाज सेवा संस्थानों के साथ मिलकर काम कर रही है. पैक्स 2000 गांवों में 30 संस्थाएं काम कर रही है. 10 हजार छोटे कल्याणकारी संस्था जुडी है. जो मनरेगा मजदूरों की मदद कर रहा है. पैक्स के तहत काम मांगो अभियान चलाया जा रहा है. इसके तहत लगभग 1 लाख लोगोें ने काम मांगे हैं.  उन्होंने कहा कि मनरेगा मजदूरों के साथ यह परेशानी है कि मजदूरों को काम नहीं मिलता है, पैसे का भगुतान ससमय पर नहीं होने से परेशानी होती है. सरकार मनरेगा मजदूरों की 16 मांगों को पूरा करें.

इस मौके पर मनरेगा लोकपाल गुरजीत ने कहा कि मनरेगा स्कीम नहीं, कानून है. इसके तहत समय पर मजदूरी कार्यस्थल का चयन मिलना चाहिए. अगर उन्हें यह सभी लाभ नहीं मिला, तो मनरेगा के आत्मा भी खत्म हो जायेगी.

इस मौके पर समाजसेवी सह सुप्रीम कोर्ट के राज्य सलाहकार बलराम, रानी कुमारी, मनोरंजन कुमार सहित कई लोगों ने सभा को संबोधित किया. पैक्स के नेशनल प्रोग्राम मैनेजर राजपाल, प्रोग्राम मैनेजर अनु, धीरज सहित कई संस्थाओं के लोग मौजूद थे.

Leave a Reply