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राज्य की नई राजधानी का न होना पूरी दुनिया के सामने झारखण्ड के हरेक वासी के लिए गम्भीर प्रश्न चिन्ह : रघुवर दास [मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]

15-Raghubar-dasराँची, झारखण्ड जून 15, 2015 :: झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने कहा कि सरकार चाहती है कि सभी लोग गरिमा के साथ जीवन जिएं और राज्य में शांतिपूर्ण विकास का वातावरण बने। सरकार किसी के साथ अन्याय नहीं होने देगी। राज्य के अधिसंरचनात्मक विकास में सभी लोगों की भागीदारी आवश्यक है। नए प्रस्तावित झारखण्ड विधान सभा परिसर के चलते जिन्हें भी विस्थापित होना पड़ सकता है, पहले सरकार उनकी सहमति से पैकेज तय करके उनका पुनर्वास करेगी। वे आज प्रोजेक्ट भवन स्थित सभा कक्ष में कुटे, तिरिल, लादे, मुड़मा एवं जगन्नाथपुर के स्थानीय लोगों से वार्ता कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि सरकार सभी विस्थापित होने वाले भाईयों को पहले बसाएगी तब आगे का काम होगा। निर्माण कार्य सबकी सहमति से और सबकी भागीदारी से ही किया जाना है। राज्य की नई राजधानी का न होना पूरी दुनिया के सामने झारखण्ड के हरेक वासी के लिए गम्भीर प्रश्न चिन्ह है। हम सबको साथ मिलकर नई राजधानी को बसाने में योगदान देना है, ताकि आगे की पीढि़यों को एक माॅडल शहर की सारी जन-सुविधाएं मिलें। पुनर्वास के स्थल पर सड़क, बिजली, पानी, स्वास्थ्य, शिक्षा, पार्क, सामुदायिक भवन इत्यादि की पूरी सुविधा होगी। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि वे भी सुझाव दें कि नई राजधानी के लिए किस प्रकार से उत्कृष्ट मानक स्तर की सुविधाएं एवं इन्फ्रास्ट्रक्चर उपलब्ध हो।

हटिया के विधायक नवीन जयसवाल ने भी ग्रामीणों के पक्ष को तर्कपूर्ण ढंग से मुख्यमंत्री के समक्ष रखा। ग्रामीणों ने भी पूरे सहयोग का आश्वासन देते हुए अपनी माँगों एवं सुझावों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

बैठक में मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, ग्रेटर रांची आॅथोरिटी के प्रबंध निदेशक सुखदेव सिंह, सचिव भवन निर्माण विभाग के0के0सोन, रांची के उपायुक्त मनोज कुमार सहित स्थानीय प्रशासन के कई वरीय पदाधिकारी उपस्थित थे। ग्रामीणों की ओर से मुख्य रूप से विनोद कुमार बैठा, करमदेव सिंह, ऐनुल हक, पंकज शाहदेव, संतोष महतो, नेपाल बैठा, कर्मा उरांव, मेघनाथ महतो इत्यादि शामिल थे।

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