हर साल 50 हजार हेक्टेयर भूमि को पांच लाख ढोभा द्वारा दोफसला बनाया जायेगा :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]   
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हर साल 50 हजार हेक्टेयर भूमि को पांच लाख ढोभा द्वारा दोफसला बनाया जायेगा :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]   

 

     हर साल 50 हजार हेक्टेयर भूमि को पांच लाख ढोभा द्वारा दोफसला बनाया जायेगा :: रघुवर दास [ मुख्यमंत्री, झारखण्ड ]    राँची, झारखण्ड । दिसम्बर । 22, 2015  :: झारखण्ड के मुख्यमंत्री रघुवर दास ने निदेश दिया कि ग्रामीण विकास विभाग ‘‘योजना बनाओ अभियान 15-16’’ के तहत आदिम जनजाति/अभिवंचित श्रेणी के लोगों के लिए विशेष रूप से योजना बनाये। उन्होंने कहा कि योजना को लागू करने के लिए प्रत्येक ग्राम पंचायत में ‘‘पंचायत प्लांनिग दल’’ का चयन होगा। इस अभियान की शुरूआत 29 दिसंबर से होगी। जनवरी माह से सभी जिला के प्रभारी मंत्री अपने क्षेत्रों का दौरा करेंगे। वे आज प्रोजेक्ट भवन में ग्रामीण विकास विभाग के ‘‘योजना बनाओ अभियान 15-16’’ की बैठक को संबोधित कर रहे थे।

मुख्यमंत्री श्री दास ने कहा कि योजना की सफलता के लिये स्टेट रिसोर्स टीम के द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। प्रशिक्षण में महिला संगठनों की भी सहभागिता होगी। इस अभियान की समीक्षा हेतु स्टेरिंग कमिटी का भी गठन किया जाएगा। लोगों में जागरूकता लाने के लिए रैली, टोला एवं पंचायत स्तरीय चर्चाओं, नुक्कड़ नाटकों आदि का भी आयोजन किया जायेगा। उन्होंने कहा कि योजना का सूत्रण फरवरी 2016 के अंत तक किया जाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के विकास के लिए हमें गांव पर फोकस करना है। गांव में विकास के लिए मिशन के तहत काम करना होगा। लोगों को न केवल प्रशिक्षित करने की जरूरत है, बल्कि उन्हें प्रेरित भी करना होगा। गांव के विकास के लिए ग्राम पंचायत को सशक्त एवं जीवंत करना होगा। गांव के लोग खुद अपनी योजना बनाकर उसको कार्यान्वित भी करेंगे।

‘‘योजना बनाओ अभियान 15-16’’ में ग्रामीण क्षेत्रों के विकास व लोगों के जीवन स्तर को सुधराने की दिशा में किये जानेवाले कार्यों का प्रस्तुतिकरण किया गया। कृषि नीति के तहत फसल गहनता को पांच साल में 125 से 130 प्रतिशत लाना है। इसके लिए हर प्रखंड में 30-35 प्रतिशत क्षेत्र में सिंचाई की व्यवस्था करनी है। हर साल 50 हजार हेक्टेयर भूमि को पांच लाख ढोभा द्वारा दोफसला बनाया जायेगा।

राज्य में 4402 ग्राम पंचायतें हैं। हर पंचायत में तालाब का निर्माण/जीर्णोद्धार किया जायेगा। तालाब का चयन स्थानीय स्तर पर लोग स्वयं करेंगे। ग्राम सभा/पंचायतों के माध्यम से विभिन्न बुनियादी सेवाओं जैसे जलापूर्ति, स्वच्छता, सड़क, नाली इत्यादि योजनाओं का चयन लोग स्वयं कर सकेंगे। व्यापक स्तर पर योजनाओं के चयन से मनरेगा के तहत गांव में रोजगार की वृद्धि होगी। लेबर बजट लगभग 2000-2500 करोड़ का होगा। चैदहवां वित्त आयोग से अनुदान सीधे ग्राम पंचायत को उपलब्ध होगा।

            बैठक में खाद्य एवं आपूर्ति मंत्री सरयू राय, ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा, कल्याण मंत्री डॉ लुइस मरांडी, स्वास्थ्य मंत्री रामचंद्र चंद्रवंशी, श्रम मंत्री राज पलिवार, शिक्षा मंत्री डॉ नीरा यादव, खेल मंत्री अमर कुमार बाउरी, कृषि मंत्री रणधीर कुमार सिंह, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव संजय कुमार, प्रधान सचिव ग्रामीण विकास एन. एन. सिन्हा, मुख्यमंत्री के सचिव सुनील कुमार वर्णवाल उपस्थित थे।

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