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‘आॅडियो-विजुअल क्लासरूम’ आज की जरूरत : सत्यनारायण सिन्हा [ पूर्व अधिवक्ता ]

02-Audio-Visual-Class-Roomरांची, झारखण्ड । फरवरी । 02, 2016 :: राँची विश्वविद्यालय, राँची के दर्शनशास्त्र विभाग में वर्तमान समय की शिक्षा पद्धति में आॅडियो-विजुअल शिक्षण के महत्त्व को रेखांकित करते हुए हाईकोर्ट के पूर्व अधिवक्ता सत्यनारायण सिन्हा ने छात्रों को बताया कि आज सम्पूर्ण विश्व में आॅडियो विजुअल के माध्यम से पढ़ाई हो रही है कारण यह है कि यह समझने और समझाने का एक अत्यंत ही कारगर तरीका है। विद्यार्थी इस माध्यम से जल्द ही किसी पाठ को समझ लेते हैं।

बैंकिंग सेवा के अवकाश प्राप्त उच्च अधिकारी रमाकांत मिश्रा ने भी विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए बताया कि आज पूरे विश्व की शिक्षण पद्धति आज दृश्य-श्रव्य माध्यम पर टिकी हुई है। यह शिक्षण प्रक्रिया अत्यन्त ही प्रमाणिक होती है।

अखिल भारतीय दर्शन परिषद की डाॅ. राजकुमारी सिन्हा ने भी विद्यार्थियों को आॅडियो विजुअल शिक्षण के महत्त्व को बताया। उन्होंने बताया कि अमेरिका में छोटे से छोटे स्कूल में भी स्मार्ट आॅडियो विजुअल क्लास रूम होते हैं। इस अवसर पर दर्शनशास्त्र विभागाध्यक्ष डाॅ॰ मीरा देवी वर्मा, पूर्व मानविकी संकायाघ्यक्ष डाॅ॰ सरस्वती मिश्रा, डाॅ॰ सुशील कुमार अंकन ने भी विद्यार्थियों को संबोधित किया।

इस आॅडियो विजुअल कक्षा में डाॅ॰ सुशील अंकन के द्वारा बनाई गई मोबाईल विडियो फिल्म ‘‘वनभोज’’ दिखाई गई जिसे विद्यार्थियों सहित सभी आगंतुक अतिथियों ने काफी सराहा। यह फिल्म विद्यार्थियों के लिये प्रेरणास्रोत भी बनी क्योंकि आज बहुत सारे विद्यार्थियों के पास स्मार्टफोन होता है और वे उसी फोन से कुछ करना चाहते हैं।

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