अपोलो हाॅस्पिटल इन्टरप्राइजेज, चेन्नई को सुपर स्पेशलिटि अस्पताल के निर्माण हेतु लेटर आॅफ अवार्ड प्रदान
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अपोलो हाॅस्पिटल इन्टरप्राइजेज, चेन्नई को सुपर स्पेशलिटि अस्पताल के निर्माण हेतु लेटर आॅफ अवार्ड प्रदान

अपोलो हाॅस्पिटल इन्टरप्राइजेज, चेन्नई को सुपर स्पेशलिटि अस्पताल के निर्माण हेतु लेटर आॅफ अवार्ड प्रदानराँची, झारखण्ड  28 फरवरी 2014 :: झारखण्ड के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा देना हमारा उद्देश्य है। यहाँ के लोगों को अक्सरहां इलाज हेतु दिल्ली, मुम्बई अथवा चेन्नई जाना होता है। अनेकों लोग संसाधन के अभाव में बड़े शहरों में नही जा पाते हैं और उनकी बेहतर चिकित्सा नहीं हो पाती है। सरकार का यह प्रयास है कि राज्य मे ही ख्याति प्राप्त विभिन्न संस्थानों के सहयोग से राज्य की जनता को बेहतर से बेहतर सुविधा दें।

मुख्यमंत्री  हेमन्त सोरेन ने उपरोक्त बातें आज स्थानीय नगर निगम परिसर में अपोलो हाॅस्पिटल इन्टरप्राइजेज, चेन्नई को सुपर स्पेशलिटि अस्पताल के निर्माण हेतु लेटर आॅफ अवार्ड प्रदान करने हेतु आयोजित कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कहा। उन्होंने कहा कि 200 सौ बेड वाले इस सुपर स्पेशलिटि अस्पताल हेतु अपोलो हाॅस्पिटल इन्टरप्राइजेज, चेन्नई को तीस साल की लीज पर 2.80 एकड़ जमीन उपलब्ध कराई जा रही है, जिस पर लगभग सौ करोड़ की बजट से 21 महीने में अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा। यह राज्य के लिए गौरव की बात है कि अपोलो अस्पताल इन्टरप्राईजेज ने अपनी सेवा राज्य को देने के लिए सहमति दी है। परन्तु विभिन्न संस्थानों के सहयोग के साथ ही साथ आमजनों की सहभागिता भी आवश्यक है ताकि लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधा दी जा सके। इस अस्पताल में हर वर्ग के हर व्यक्ति को लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जाएगा। झारखण्ड के कोने कोने से इसकी आवश्यकता महसूस की जा रही है। यह संस्थान पूरी तरह से बनकर अपनी समय सीमा में तैयार हो जाए और इसका सफलापूर्वक संचालन हो ऐसी शुभकामना है।

उन्होंने कहा कि राज्य में बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के उद्देश्य से चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों की बहाली की गई है। नर्सिंग की सुविधा भी बेहतर से बेहतर हो इस उद्देश्य से नर्सिंग काॅलेजेज खोलने की कार्रवाई की जा रही है। यह नर्सिंग काॅलेज मात्र लड़कियों के लिए ही नहीं बल्कि लड़कों के लिए भी खोले जाएंगे ताकि झारखण्ड के छात्रों को नर्सिंग पढ़ाई के लिए बाहर न जाना पड़े। चिकित्सा सुविधा में सुधार हेतु सरकार द्वारा अनेकों निर्णय लिए गए हैं। उन निर्णयों को क्रमबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने का प्रयास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राँची नगर निगम के एक अन्य अस्पताल को देव कमल अस्पताल के माध्यम से चलाने के लिए एकरारनामा किया गया है। दोनों ही ग्रुप के लोगों ने बेहतर चिकित्सा सुविधा देने के लिए अपनी सहमति दी है एवं सरकार के साथ एक अहम भूमिका निभाने जा रहे हैं। यह राज्य, राँची, नगर निगम के लिए मील का पत्थर साबित होगा।

इस अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री  राजेन्द्र प्रसाद सिंह ने कहा कि विगत दिनों रिम्स में सुपर स्पेशलिटि डिविजन का उद्घाटन किया गया है। अस्पतालों को बेहतर चिकित्सा सुविधा एवं प्रबंधन के उद्देश्य से पी0पी0पी0 मोड पर चलाने का निर्णय किया गया है। राज्य में नर्सिंग एवं डिग्री काॅलेज के लिए जमीन दी जा रही है। चिकित्सा एवं चिकित्सा शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े इसके लिए राज्य में अन्य चिकित्सा महाविद्यालय खोले जाएंगे। वर्तमान में संचालित तीन चिकित्सा महाविद्यालयों को बढ़ाकर ग्यारह करने की सरकार की इच्छा है। फिलहाल केन्द्र सरकार द्वारा चाईबासा, दुमका, बोकारो एवं पलामू कुल चार चिकित्सा महाविद्यालयों की सहमति प्राप्त हो चुकी है।

मंत्री नगर विकास विभाग सुरेश पासवान ने कहा कि राज्य के लिए अपोलो अस्पताल एक महत्वपूर्ण उपलब्धि रहेगी। सरकार बनने के साथ ही हमने यह संकल्प लिया था कि राज्य में विकास का जाल बिछाया जाएगा, राज्य के लोगों को स्वास्थ्य सुविधा हेतु बाहर न जाना पड़े। इस क्रम में यह लेटर आॅफ अवार्ड एक महत्वपूर्ण कड़ी है। यह उम्मीद है कि समय सीमा के भीतर अस्पताल बनकर तैयार हो जाएगा।

इस अवसर पर सचिव नगर विकास विभाग  अजय कुमार सिंह, उपायुक्त राँची  विनय कुमार चैबे, उप महापौर राँची नगर निगम  संजीव विजय वर्गीय, अपोलो हाॅस्पिटल चेन्नई के डाॅ0 सत्य नारायण रेड्डी, ब्रिगेडियर के. आर. चक्रवर्ती एवं देव कमल अस्पताल के प्रतिनिधिगण तथा अनेक गणमान्य लोग उपस्थित थे।

Source :: IPRD, Jharkhand

 

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