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पिछले चार सालों में भारत सरकार ने अनुसूचित जनजाति के छात्रों के छात्रावासों के लिए रू.429 करोड़ का अनुदान दिया

मई 14, 2015 :: भारत सरकार ने अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के निर्माण हेतु पिछले चार सालों में रू. 429.96 का आवंटन किया है। सरकार ने 2002-03 से ले कर आज तक देशभर में कुल 1481 छात्रावासों का निर्माण किया है, जिसमें से 81 छात्रावास झारखण्ड में और 143 छात्रावास गुजरात में है। केन्द्रीय जनजातीय कार्य राज्य मंत्री मनसुखभाई वसावा ने मई 13, 2015 को राज्यसभा में सांसद परिमल नथवाणी के प्रश्न के उत्तर में यह जानकारी दी।

14-Hostalमंत्रीजी ने बताया कि अनुसूचित जनजाति के लड़कों तथा लड़कियों के लिए छात्रावास की केंद्रीय प्रायोजित योजना इस मंत्रालय द्वारा कार्यान्वित की जा रही है जिसके तहत राज्यों-संघ राज्य क्षेत्रों -विश्वविद्यालयों द्वारा भेजे गए प्रस्तावों के आधार पर ऐसे छात्रावासों की उनकी आवश्यकता के अनुसार अनुसूचित जनजाति के लड़कों तथा लड़कियों के लिए छात्रावासों के भवन निर्माण हेतु राज्य सरकारों-संघ राज्य क्षेत्र प्रशासनों को सहायता अनुदान दिया जाता है। मंत्रीजी ने बताया कि 2012-13 से ले कर चार सालों में इस योजना के अन्तर्गत कुल रू. 429.26 करोड़ का आवंटन किया गया है।

मंत्री जी ने यह भी बताया कि देशभर में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए कुल 1481 छात्रावासों का निर्माण किया गया है जिसमें से 529 छात्रावास लड़कों के लिए 952 छात्रावास लड़कियों के लिए है जो कुल 1,01,545 विद्यार्थियों- 32,281 लड़कों और 69,624 लड़कियों को सुविधा प्रदान करते हैं। झारखण्ड में अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए 81 छात्रावासों का निर्माण किया गया है जिसमें से 52 छात्रावास लड़कों के लिए और 29 छात्रावास लड़कियों के लिए है। गुजरात में, 143 छात्रावासों का निर्माण किया गया है जिसमें 74 लड़कों के लिए और 69 लड़कियों के लिए हैं जो 5366 लड़कों और 5105 लड़कियों को सुविधा प्रदान करता है।

श्री नथवाणी यह जानना चाहते थे कि सरकार द्वारा लागू की जा रही अनुसूचित जनजाति लड़कों और लड़कियों के लिए छात्रावास योजना में पिछले चार वर्ष में कितनी निधि आंवटन की गई है और उसमें से कितनी निधि का उपयोग हुआ है। कितने छात्रावास कार्यरत हैं और विभिन्न राज्यों और विश्वविद्यालयों से छात्रावासों के निर्माण हेतु कितने प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं।

मंत्रीजी ने बताया कि इस योजना के तहत सहायता अनुदान के लिए राज्य सरकारों-संघ राज्य प्रशासनों-विश्वविद्यालयों से प्रस्तावों की प्राप्ति एक चालू और सतत प्रक्रिया है। निधियां केवल तब ही विमुक्त की जाती की जाती है जब योजना के मानकों के अनुसार विगत विमुक्त निधियों के उपयोग प्रमाण पत्रों तथा वास्तविक भौतिक प्रगति प्रतिवेदन सहित प्रस्ताव से पूर्ण हो ऐसा मंत्री जी ने बताया।

मंत्रीजी ने यह भी बताया कि केन्द्र सरकार ने वर्ष 2012-13 में रू. 78 करोड़, 2013-14 में रू. 125 करोड़, 2014-15 में रू. 133.489 करोड़ और 2015-16 में रू. 133.48 करोड़ का आवंटन किया। वित्तीय वर्ष 2014-15 से छात्रावासों के निर्माण के लिए सहायता अनुदान अनुसूचित जनजाति के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा की अम्ब्रैला योजना के तहत दिए गए हैं, ऐसा मंत्रीजी ने बताया।

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In Four Years Rs. 429.96 Crore Allocated for Hostels for ST Students in India

 May 14, 2015 ::  The government of India has allocated total Rs. 429.96 crore for setting up hostels for students belonging to Scheduled Tribes (ST) in last four years. Moreover, the government has set up total 1481 hostels for ST students across the country since 2002-03, of which 81 hostels are in Jharkhand and 143 in Gujarat. The Minister of State for Tribal Affairs  Mansukhbhai Vasava provided the information in the Rajya Sabha on May 13, 2015 in reply to a question raised by MP  Parimal Nathwani.

The minister stated that a Centrally Sponsored Scheme of “Hostels for ST boys and girls” is being implemented by the Ministry under which Grant-in-Aid is released to State Governments/UT Administrations for construction of hostel buildings for ST boys and girls based on proposals sent by the States/UTs/Universities according to their requirement of such hostels. Total Rs. 429.96 crore has been allotted for the purpose since 2012.13.

The minister also stated that out of total 1481 hostels for ST students, 529 hostels are for boys and 952 hostels are for girls that provide facilities to total 1,01,545 students-32281 boys and 69264 girls – belonging to Scheduled Tribes. In Jharkhand total 5700 students belonging to ST category gets benefit from 52 boys’ hostels and 29 girls’ hostels. In Gujarat, out of total 143 hostels 74 are for boys and 69 are for girls providing facilities to 5366 boys and 5105 girls belonging to Scheduled Tribes.

Mr. Nathwani wanted to know about the scheme of “Hostels for Scheduled Tribes (STs) Girls and Boys” being implemented by Government along with the State/UT-wise funds allocated there under during each of the last three years and the current year, the State/UT-wise number for hostels for ST girls and boys presently functioning in the country, separately along with the number of students benefited therefrom. He also sought information on the proposals received from various States and universities for construction of hostel buildings along with the funds released and utilized.

The minister also said that the receipt of proposal from the State Governments /UT Administration/Universities for grant-in-aid under the scheme is an ongoing and continuous process. Funds are released only if the proposals are complete in all respects as per norms of the scheme including utilization certificates and physical progress report of funds released earlier and subject to availability of funds in a particular year, he said.

The minister stated that that the government allocated Rs78 crore in 2012-13, Rs.125 crore in 2013-14, Rs.133.48 crore in 2014-15 and Rs133.48 crore in 2015-16. From the financial year 2014-15 Grants-in-aid for construction of hostels is given under an Umbrella Scheme of education for ST students.

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