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Momentum Jharkhand GIS – 2017 :: Inauguration At a Glance

Momentum JharkhandRanchi, Jharkhand | February | Thursday | 16, 2017 :: Momentum Jharkhand Global Investors Summit – 2017 was inaugurated by Arun Jetly [ Finance Minister ] at Tana Bhagat Stadium, Hotwar, Ranchi, Jharkhand.

Ratan Tata, Navin Jindal, Rajesh Adani, Mahendra Singh Dhoni, Pyush Goel, Smriti Irani, Nitin Gadkari, Venkaiah Naidu, Nilkanth Munda, Raghubar Das [ Chief Minister, Jharkhand ] and other dignatiries and large number of delegates were present on this occassion.Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand Momentum Jharkhand

मोमेंटम झारखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मलेन का भव्य शुभारम्भ

* 2018 के 28, 29 एवं 30 नवम्बर को प्रवासी झारखंडी सम्मलेन तथा 2019 – 20 में अगला वैश्विक निवेशक सम्मलेन होगा आयोजित

*  झारखण्ड में विकास की अपार संभावनाएं :  अरुण जेटली

* मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है :  रघुवर दास

*  मैं गर्व से अपने झारखण्ड का प्रतिनिधित्व करता हूँ :  महेंद्र सिंह धोनी

रांची, झारखण्ड । फरवरी  । 16, 2017 :: केन्द्रीय वित्त मंत्री  अरुण जेटली ने कहा कि १०५ वर्ष पूर्व टाटा घराने ने झारखण्ड में संभावनाएं देखीं थीं और उसे विकास के अवसर में बदलकर टाटा स्टील से औद्योगिक क्रान्ति का सूत्रपात किया था| रघुवर दास के नेतृत्व में झारखण्ड में सत्तारूढ़ सरकार ने भी पुनः एक बड़ा कदम उठाया है और झारखण्ड में प्रथम वैश्विक निवेश सम्मलेन का आयोजन कर आर्थिक विकास की एक नई यात्रा आरम्भ की है| श्री जेटली मोमेंटम झारखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मलेन को बतौर मुख्य अतिथि संबोधित कर रहे थे| उन्होंने कहा कि झारखण्ड में प्रचुर संभावनाएं होने के बावजूद उसके पिछड़ेपन का कारण ज्यादातर राजनीतिक था| राजनीतिक दल जनता के आर्थिक विकास को अपना मूल मंत्र बनाने की बजाय राजनीतिक हानि – लाभ को ज्यादा वरीयता देते थे| राजनीतिक अस्थिरता के कारण पृथक झारखण्ड राज्य गठन के बाद भी झारखण्ड में राजनेताओं की वही मानसिकता बनी रही, खंडित जनादेश भी निर्णय लेने की शक्ति को प्रभावित करता रहा| परिणामस्वरूप खनिज संपदा से सुसंपन्न इस प्रदेश से निवेशकों ने मुंह मोड रखा था| अकूत प्राकृतिक संसाधनों से सुसंपन्न झारखण्ड की रघुवर दास सरकार ने स्पष्ट जनादेश को सर आँखों पर लेते हुए अपने मूल एजेंडे में प्रदेश के लोगों और प्रदेश के आर्थिक विकास को रखा| परिणाम यह है कि आज झारखण्ड निवेशकों की पहली पसंद बन गया है| श्रम सुधार कानूनों व अन्य निवेश प्रोत्साहित करनेवाली नीतियों के कारण आज दुनिया भर के निवेशकों की निगाह झारखण्ड पर टिक गई है|
श्री जेटली ने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र भाई मोदी ने भी कई बार कहा है कि झारखण्ड में विकास की अपार संभावनाएं हैं और झारखण्ड पूर्वी भारत का विकास केंद्र बन सकता है| उन्होंने मुख्यमंत्री रघुवर दास की विकासोन्मुखी नीतियों को सराहते हुए कहा कि 1928 में ओलम्पिक का स्वर्ण पदक भी इसी झारखण्ड के लाल ने भारत को दिलवाया था और पुनः झारखण्ड भारत के नवनिर्माण के महा आयोजन में अहम् भूमिका दर्ज कराने की ओर अग्रसर है| वित्त मंत्री ने कहा कि झारखण्ड जीडीपी के राष्ट्रीय औसत को लांघने की क्षमता रखता है| प्रथम वैश्विक निवेशक सम्मलेन में बड़े – बड़े औद्योगिक घरानों और विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी यह बता रही है कि आनेवाले दिनों में झारखण्ड विकास के नए प्रतिमान गढ़ेगा|
मुख्यमंत्री रघुवर दास ने इस अवसर पर समारोह की अध्यक्षता करते हुए कहा कि झारखण्ड एक तेजी से उभरता हुआ युवा प्रदेश है जो लगातार भारत का सर्वाधिक विकसित और संपन्न राज्य बनने की दिशा में अग्रसर है। समारोह में दुनिया भर के राजनयिकों एवं उद्योग – व्यापार जगत की प्रमुख हस्तियों की मौजूदगी से उत्साहित मुख्यमंत्री रघुवर दास ने अगले वर्ष 2018 के 28, 29 एवं 30 नवम्बर को प्रवासी झारखंडी सम्मलेन तथा 2019 – 20 में अगले वैश्विक निवेशक सम्मलेन का आयोजन करने की घोषणा की| यह प्रदेश संभावनाओं से भरा हुआ है, प्रकृति ने इस प्रदेश को दोनों हाथों से बेशुमार समृद्धि प्रदान की है। खनिज संपदा की दृष्टि से झारखण्ड दुनिया का सर्वाधिक संपन्न राज्य है, यहां भारत के कुल खनिज भण्डार का 40 प्रतिशत मौजूद है। यद्यपि झारखण्ड को इसके समृद्ध खनिज भण्डार एवं स्टील तथा ऑटोमोबाइल उद्योग के लिए पहचाना जाता है लेकिन सच्चाई यह है कि यहां की परिश्रमी श्रम शक्ति इस प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है। झारखण्ड की कुल जनसंख्या का 60 प्रतिशत परिश्रमी और श्रम योग्य आयु वर्ग का है, यहां की कुल जनसंख्या का 60 फीसदी 15 से 59 साल आयुवर्ग का है।
उन्होंने कहा कि माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी से प्रेरणा लेकर दुनिया भर के उद्योग – व्यापार जगत को झारखण्ड की इन शक्तियों से परिचित कराने के लिए हमने पिछले वर्ष फरवरी महीने में आयोजित मेक इन इंडिया सप्ताह के दौरान अपना निवेश संवर्द्धन अभियान आरम्भ किया।अपने निवेश संवर्द्धन अभियान को गति देने हेतु हमने राज्य की नीतियों और प्रशासनिक व्यवस्था को निवेशकों के अनुकूल बनाने के प्रयास आरम्भ किये। हमने सबसे पहले सिंगल विंडो सिस्टम को प्रभावी बनाया, नीतियों का सरलीकरण किया और 16 नई नीतियाँ बनाईं, जिनमे प्रमुख हैं – अफोर्डेबल हाउसिंग, ऑटोमोबाइल एंड ऑटो कॉम्पोनेन्ट, बीपीओ – बीपीएम, एक्सपोर्ट पालिसी, फिल्म पालिसी, फिस्कल इनसेंटिवस स्कीम फॉर सेटिंग अप ऑफ मेडिकल इंस्टीट्यूशन्स, फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री पालिसी, इंडस्ट्रियल पार्क पालिसी, स्टार्ट अप, इंडस्ट्रियल एंड इन्वेस्टमेंट प्रोमोशन पालिसी और आईटी पालिसी। झारखण्ड में निवेश प्रोत्साहन अभियान को गति देने के लिए हमने झारखण्ड निवेश प्रोत्साहन बोर्ड एवं आईटी एडवाइजरी काउंसिल का गठन किया है और इनमे उद्योग – व्यापार जगत के प्रख्यात सफल नायकों को शामिल किया। इनके सहयोग और मार्गदर्शन से हमने राज्य में उद्योग – व्यापार के लिए मैत्रीपूर्ण वातावरण के निर्माण में सफलता पाई।झारखण्ड के समग्र विकास जिसमें जनता के हर वर्ग की भागीदारी सुनिश्चित हो-इस लक्ष्य की प्राप्ति के लिए स्वच्छ, पारदर्शी तथा विकासोन्मुख सरकार के माध्यम से हम ‘सबका साथ सबका विकास’ के मूल मन्त्र को चरितार्थ करते हुए आत्मनिर्भर, समृद्ध एवं विकसित झारखंड बनाने में जुटे हैं।
श्री दास ने कहा कि हमने इस बार देश में सबसे पहले बजट पेश करने का कीर्तिमान बनाया। बजट बनाने से पूर्व हमने आम जनता, उद्योग – व्यापार जगत, अर्थशास्त्रियों एवं अन्य विशेषज्ञों से व्यापक विचार विमर्श किया और उनके बहुमूल्य सुझावों को सम्मानजनक स्थान देते हुए हमने समावेशी विकास का लक्ष्य निर्धारित कर एक जनोपयोगी बजट पेश किया। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का सहयोग झारखण्ड के विकास में निरंतर मिलता रहा है और आज इस आयोजन में भी कई केन्द्रीय मंत्रियों की उपस्थिति इस बात का प्रतीक है कि आगे भी झारखण्ड की विकास यात्रा में केंद्र का सहयोग बना रहेगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखण्ड सरकार निवेशकों के लिए हर तरह की सुविधाओं के साथ तत्पर है। औद्योगिक विकास के मद्देनजर विधि – व्यवस्था, औद्योगिक शान्ति व अन्य मापदंडों पर पूरी तैयारी कर रखी है। निवेशकों के लिए भूमि बैंक उपलब्ध है, कुशल श्रम शक्ति की कोई कमी नहीं है। हमने दक्ष विशेषज्ञों की एक टीम गठित कर रखी है जो यहाँ निवेश करनेवाले उद्यमियों को कदम कदम पर सहयोग करेगी। उन्होंने कहा कि हम विकास का एक ऐसा मॉडल तैयार कर रहे हैं जिसमे औद्योगिक एवं आर्थिक विकास में स्थानीय जनसमुदाय की पर्याप्त भागीदारी होगी और और वे राज्य के सामाजिक आर्थिक विकास की प्रक्रिया में एक प्रमुख हिस्सेदार के तौर पर हमेशा मौजूद रहेंगे। यही सच्चे अर्थों में सबका साथ-सबका विकास है । विकास प्रक्रिया में तकनीक के महत्व को रेखांकित करते हुए श्री दास ने कहा कि निवेश प्रक्रिया को सरल बनाने और इसकी नियमित निगरानी के लिए हमने ऑनलाइन सिंगल विंडो सिस्टम बनाया है, हमने जन वितरण प्रणाली को सूचना तकनीक के सहयोग से पेपरलेस बनाया है और अब हम कैशलेस झारखण्ड के निर्माण की दिशा में बढ़ रहे हैं। झारखण्ड की सभी पंचायतों को ब्रॉडबैंड संपर्क से जोड़ने की दिशा में भी हम तेजी से आगे बढ़ रहे हैं।
कृषि को राज्य की अर्थव्यवस्था की रीढ़ बताते हुए श्री दास ने कहा कि झारखण्ड रासायनिक खाद का न्यूनतम उपयोग करने के बावजूद देश के सर्वाधिक सब्जी उत्पादक राज्यों में से एक है। हम माननीय प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित 2020 तक किसानों की आय दुगुनी करने के लक्ष्य की प्राप्ति में सहयोग के लिए भी वचनबद्ध हैं। झारखण्ड सरकार अपनी फूड प्रोसेसिंग पालिसी के माध्यम से निवेशकों को फूड प्रोसेसिंग, डेयरी उद्योग, गोदामों एवं कोल्ड चैन के निर्माण आदि क्षेत्रों में निवेश के असीमित अवसर उपलब्ध कराने को तत्पर है। उन्होंने कहा कि आधारभूत संरचना निर्माण निवेश के अनुकूल वातावरण तैयार करने की पहली जरुरत है, इस तथ्य से हम भलीभांति अवगत हैं और दिशा में हमने काफी काम किया भी है। आज, झारखण्ड में आधुनिक इंडस्ट्रियल कलस्टर, विश्व स्तर के इंडस्ट्रियल पार्क, सड़क, रेल, स्वास्थ्य, शिक्षा, परिवहन, सैनिटेशन, पर्यावरण एवं पर्यटन संरचना के विकास आदि क्षेत्रों में निवेश की भरपूर गुंजाईश हैं।
श्री दास ने पर्यटन के क्षेत्र में झारखण्ड में उपलब्ध असीम संभावनाओं की चर्चा करते हुए कहा कि झारखण्ड को विरासत में विलक्षण प्राकृतिक सौन्दर्य मिला है। झारखण्ड में उपलब्ध कला – संस्कृति और ग्राम्य जीवन की विविधता भी अन्यत्र दुर्लभ है। अब जबकि पर्यटन दुनिया का तेजी से उभरता हुआ उद्योग बन चुका है, झारखण्ड में इस क्षेत्र में निवेश की सबसे ज्यादा संभावनाएं मौजूद हैं। झारखण्ड के नेतरहाट, मलूटी, बेतला, दलमा, पारसनाथ, इटखोरी आदि पर्यटन स्थलों का सौन्दर्य पर्यटन उद्योग में निवेश के लिए सर्वाधिक उपयुक्त केंद्र साबित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि झारखण्ड सरकार ने फिल्म नीति बनाकर देश और दुनिया भर के फिल्मकारों को इस राज्य में फिल्मों की शूटिंग के लिए आमंत्रित किया है और इसके उत्साहजनक परिणाम सामने आये हैं। राजधानी रांची के समीप पतरातू में हम 200 एकड़ में फिल्म सिटी का निर्माण किया जा रहा है। स्पष्ट है फिल्म निर्माण अथवा फिल्म उद्योग के लिए आवश्यक आधारभूत संरचना निर्माण के क्षेत्र में दिलचस्पी रखनेवालों के लिए भी यहां निवेश के पर्याप्त अवसर मौजूद हैं।
मुख्यमंत्री श्री दास ने रामधारी सिंह दिनकर की कविता के माध्यम से झारखण्ड की जनता का संकल्प दोहराते हुए कहा कि ख़म ठोंक ठेलता है जब नर, पर्वत के जाते पांव उखड़| मानव जब जोर लगाता है, पत्थर पानी बन जाता है।’’
समारोह में माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी द्वारा प्रेषित सन्देश को झारखण्ड के ग्रामीण विकास मंत्री नीलकंठ सिंह मुंडा ने पढ़कर सुनाया| अपने सन्देश में प्रधानमंत्री श्री मोदी ने मुख्यमंत्री  रघुवर दास के नेतृत्व में झारखण्ड सरकार द्वारा निवेश आमंत्रण के प्रयासों एवं मोमेंटम झारखण्ड वैश्विक निवेशक सम्मलेन के सफल आयोजन की बधाई दी| उन्होंने कहा कि झारखण्ड में विकास की अपार संभावनाएं हैं और  रघुवर दास के नेतृत्व में झारखण्ड नई ऊंचाइयां प्राप्त करने की ओर अग्रसर है|
मुख्य सचिव श्रीमती राजबाला वर्मा ने समारोह में आये तमाम अतिथियों का स्वागत करते हुए झारखण्ड में मौजूद संभावनाओं की चर्चा की और सरकार द्वारा निवेश प्रोत्साहन के लिए बनाई गई नई नीतियों पर विस्तार से प्रकाश डाला| धन्यवाद ज्ञापन मुख्यमंत्री के सचिव  सुनील कुमार वर्णवाल ने किया|
समारोह को केन्द्रीय शहरी विकास मंत्री  वेंकैया नायडू, सड़क परिवहन मंत्री  नीतिन गडकरी, टेक्सटाइल मंत्री श्रीमती स्मृति ईरानी, ऊर्जा एवं कोयला राज्य मंत्री  पियूष गोयल, टाटा संस के प्रमुख  रतन टाटा, सीआईआई के  नौशाद फ़ोर्ब्स, अडानी समूह के  राजेश अडानी, एस्सार समूह के  शशि रुइया, टीम इंडिया के पूर्व कप्तान  महेंद्र सिंह धोनी, आदित्य बिडला समूह के कुमार मंगलम बिडला, वेदांता समूह के अनिल अग्रवाल तथा भागीदार राष्ट्रों के राजनयिकों ने भी संबोधित किया|
समारोह में केन्द्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण राज्यमंत्री  सुदर्शन भगत, नागरिक उड्डयन राज्यमंत्री  जयंत सिन्हा, विधानसभाध्यक्ष  दिनेश उरांव, मंत्री श्रीमती नीरा यादव,  रामचंद्र चंद्रवंशी, सरयू राय, श्रीमती लुईस मरांडी, चंद्रप्रकाश चौधरी,  रंधीर सिंह, सी पी सिंह, भारत सरकार के शहरी विकास विभाग के सचिव राजीव गौबा व अन्य गणमान्य उपस्थित थे।

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