मिशन इन्द्रधनुष
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मिशन इन्द्रधनुष फेज -2 का शुभारंभ ::  दुर्गम क्षेत्रों तक जाकर बच्चों को टीका लगायेगी मोबाइल टीम

मिशन इन्द्रधनुषरांची, झारखण्ड । अक्टूबर । 07, 2015 :: दो साल तक के बच्चों के टीकाकरण के अभियान का दूसरा चरण मिशन इंद्रधनुष बुधवार को सदर अस्पताल परिसर से शुरू किया गया। इस अवसर पर विभागीय सचिव के. विद्यासागर ने बच्चों को ड्राप पिलाकर कार्यक्रम की शुरूआत की। इस मौके पर विभाग के कई आला अधिकारी भी मौजूद थे। कार्यक्रम की शुरूआत करते हुए के. विद्यासागर ने कहा कि जैसा हम लोग जानते हैं कि यह मिशन इंद्रधनुष का दूसरा राउंड है। झारखंड में हमलोग करीब करीब सत्तर प्रतिशत तक फुल इम्युनाइजेशन तक पहुंचे हैं। लेकिन कई क्षेत्रों में कुछ बच्चे छूट गये हैं। उन बच्चों का फुल प्रोसेस नहीं मिल पाया है। मिशन इंद्रधनुष का यही मुख्य उद्देश्य है कि जो बच्चे छूट गये हैं। जिनका पूरा इम्युनाइजेशन नहीं हुआ है उसको कवर करना। यह भारत सरकार का बहुत ही महत्वपूर्ण अभियान है।

7, 9, 11, 12, 14, 16 और 19 अक्टूबर को यह कार्यक्रम रांची सहित दस जिलों में चलाया जायेगा। उक्त तारीख को एएनएम सभी मुहल्लों में जायेंगी और बच्चोंक को टीका लगायेंगी। कार्यक्रम की सफलता के लिए माइक्रो प्लाान तैयार किया गया है। इसमें एक मोबाइल टीम भी शामिल होगी। मोबाइल टीम दुर्गम क्षेत्रों तक जाकर बच्चों को टीका लगायेगी।

गौरतलब है कि इन सात दिनों में 14,737 बच्चों् को टीका लगाने का लक्ष्य रखा गया है। पिछली बार वर्ष 2012.13 के सर्वे के अनुसार 12,067 बच्चोंए को टीका लगाया गया था। इस बार की यह संख्या 14,737 निर्धारित है। इसके अलावा अभियान के दौरान वैसे बच्चे1 जो पिछली बार छूट गये थे उनको भी टीका लगाया जायेगा।

नियमित टीकाकरण कार्यक्रम 10 जानलेवा बीमारियों (गल घोंटू, काली खांसी, टेटनस, पोलियो, टीबी, खसरा, हेपेटाइटिस बी, न्यूमोनिया, जापानी इंसेफ्लाइटिस और मेनिनजाइटिस के लिए टीका उपलब्ध कराता है।
पिछले 10 सालों में झारखंड में टीकाकरण का दायरा 8% से बढ़कर 70% तक पहुंच गया है, लेकिन अभी भी कुछ भाग ऐसे हैं, जहां टीकाकरण की दर काफी कम है। एक अनुमान के तौर पर झारखंड में अभी भी 2,39,000 बच्चे ऐसे हैं, जिनका बुनियादी टीकाकरण नहीं हुआ है। हाल के मूल्यांकन से यह पता चलता है कि राज्य में बच्चों को सभी टीके नहीं लगने के जो प्रमुख कारण हैं, उनमें, माता-पिता में टीकाकरण के लाभ के बारे में जागरूकता की कमी, टीकाकरण के दुष्प्रभाव का डर तथा टीकाकरण सत्र के दौरान टीका या टीका देने वाले का उपलब्ध न होना है।
भारत सरकार ने देश भर में पूर्ण टीकाकरण अभियान की पहुंच को बेहतर बनाने के लिए और इसे वर्तमान 65 प्रतिशत की पहुंच से बढ़ाकर 90 प्रतिशत के उपर ले जाने के लिए देश के 201 चयनित जिलों में मिशन इंद्रधनुष प्रारंभ किया है।

अभियान की अवधि :
प्रथम चरण का अभियान अप्रैल से प्रारंभ होकर जुलाई 2015 तक चला, जिसमें 6 जिलों को शामिल किये गये। जबकि द्वितीय चरण का अभियान अक्टुबर 2015 से प्रारंभ होकर जनवरी 2016 तक चलेगा, जिसमें बाकी जिलों पाकुड़, कोडरमा , राॅंची , धनबाद , साहिबगंज , लातेहार, पलामू , गढवा, चतरा एंव हजारीबाग में अभियान चलाया जाएगा। प्रत्येक चरण चार राउंड का होगा और प्रत्येक राउंड 7 दिनों तक चलेगा।

लक्षित क्षेत्र :
1. खाली उपकेन्द्रों वाला क्षेत्र: जहां कोई भी एएनएम तीन महीने से अधिक पदास्थापित नहीं हों।
2. वह गांव/क्षेत्र जहां लगातार तीन या उससे अधिक महीने नियमित टीकाकरण सत्र आयोजित नहीं हुआ होः एनएनएम लंबी छुट्टी पर हों या इसी तरह का कोई अन्य कारण हो।
3. पोलियो उन्मूलन कार्यक्रम द्वारा चिन्हित उच्च खतरे वाले क्षेत्र, जहां नियमित टीकाकरण की सेवाएं नहीं दी जा रही हंै या बहुत कम बच्चों को दी गई हैं। ये क्षेत्र हैंः शहर की बस्तियां, खानाबदोश लोगों के रहने की जगह, ईंट भट्टे, निर्माण कार्य स्थल, अन्य प्रवासी बस्तियां (मछुआरों का गांव, नदी क्षेत्र में रहने वाली स्थानांतरित आबादी, आदि। )
4. सेवा से वंचित और दुर्गम क्षेत्र में रहने वाली जनसंख्या ( वन क्षेत्र में रहने वाले और जनजातीय आबादी, आदिं)
5. जहां पर नियमित टीकाकरण दर काफी कम है (जहां हाल में खसरा या अन्य टीका निवारणीय रोगों का मामला सामने आया हो)
6. छोटे गांव या बस्तियां जहां पर नियमित टीकाकारण सत्र आयोजित नहीं किए जाते हों या जो नियमित टीकाकरण के लिए दूसरे गंावों से जुड़े हों।

लक्षित लाभुक :
2 वर्ष से कम आयु के बच्चे और गर्भवती महिलाएं। हालांकि, 2 वर्ष से अधिक का बच्चा, जिसे कई टीके नहीं लगे हैं।
इस अवसर पर राज्य के पदाधिकारी एंव जिला के पदाधिकारी भी शामिल थे

Mission Indradhanush

Mission IndradhanushMission Indradhanush was launched by Union Health Minister J.P Nadda on December 25, 2014.

 It aims to immunize all children against seven vaccine preventable diseases namely Diphtheria, Whooping Cough, Tetanus, Polio, tuberculosis, Measles and Hepatitis B by 2020.

 The Minister launched the Mission on Good Governance Day to mark the birth anniversary of Bharat Ratna Madan Mohan Malaviya and birthday of Bharat Ratna Atal Bihari Vajpayee.

The Ministry will be technically supported by WHO, UNICEF, Rotary International and other donor partners. Mass media, interpersonal communication, and sturdy mechanisms of monitoring and evaluating the scheme are crucial components of Mission Indradhanush

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