झारखण्‍ड का 80,716 मिलियन टन कोयला भण्‍डार भारत का सर्वाधिक : राज्‍य में सर्वाधिक 177 कोयला खानें परिचालन अंतगर्त, राज्‍य सभा में कोयला मंत्री का सांसद परिमल नथवाणी को उत्‍तर
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हरमू नदी रांची की जीवन रेखा बन सकती है :: परिमल नथवाणी

झारखण्‍ड का 80,716 मिलियन टन कोयला भण्‍डार भारत का सर्वाधिक : राज्‍य में सर्वाधिक 177 कोयला खानें परिचालन अंतगर्त, राज्‍य सभा में कोयला मंत्री का सांसद परिमल नथवाणी को उत्‍तररांची, 18 जुलाई 2014: हरमू नदी की बदहाली पर चिंता जाहिर करते हुए सांसद श्री परिमल नथवाणी ने संसद में आवाज उठायी है। शुक्रवार को राज्‍य सभा में हरमू नदी का मुद्दा उठाते हुए सांसद श्री नथवाणी ने कहा कि रांची और झारखंड की इस धरोहर को बचाना केद्र सरकार के लिए आवश्‍यक ही नहीं अनिवार्य होना चाहिए।

राज्‍य सभा में ‘स्‍पेशल मेन्‍सन’(विशेष उल्‍लेख) के तहत श्री नथवाणी ने कहा कि हरमू नदी रांची की जीवन रेखा बन सकती है। लेकिन आज यह नदी घोर उपेक्षा के कारण कचड़े का अंबार बन गयी है। मनमाना अतिक्रमण के कारण अंतिम सांसे गिन रही है। इसके पीछे कोई राजनीतिक मंशा हो या व्‍यापारिक लालसा, नुकसान हरमू का हो रहा है, रांची का हो रहा है, झारखंड के लोगों का हो रहा है। श्री नथवाणी ने कहा कि इस नदी के सुधार के लिए राज्‍य प्रशासन की ओर से 15 करोड़ दिया गया है, लेकिन वह पर्याप्‍त नहीं। मरणासन्‍न हरमू नदी का जीर्णोद्धार तभी संभव है जब केंद्र हस्‍तक्षेप और पर्याप्‍त सहयोग करे।

इससे पहले, 14 जुलाई को राज्‍य सभा में श्री नथवाणी ने हरमू नदी के पुनर्रूद्धार पर सवाल रखा था। जवाब में जल संसाधन, नदी विकास व गंगा पुनर्रूद्धार राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) श्री संतोष कुमार गंगवार ने केंद्रीय पर्यावरण व वन मंत्रालय के हवाले से बताया था कि झारखंड की हरमू नदी को उन 150 प्रदूषित नदियों में शामिल नहीं किया गया है जिनकी पहचान केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण केंद्र ने की है। इसी प्रसंग में राज्‍य सरकार के भूमिका को चिन्हित करते हुए राज्‍य मंत्री ने बताया कि हरमू नदी के प्रदूषण को रोकने के लिए केंद्र ने न किसी प्रस्‍ताव को मंजूर किया है और न ही झारखंड सरकार की ओर से कोई प्रस्‍ताव केंद्र को मिला है। मंत्री श्री गंगवार ने झारखंड सरकार के हवाले से बताया कि 13वें वित्‍त आयोग द्वारा इस मद में 15 करोड़ की राशि दी गई जो केवल दो किलोमीटर क्षेत्र के लिए है, जो हरमू नदी के संपूर्ण पुनर्रूद्धार के लिए पर्याप्‍त नहीं है।

इधर, राज्‍य सभा सांसद श्री नथवाणी ने झारखंड के मुख्‍य सचिव को भी इस प्रसंग में पत्र लिखकर तत्‍काल गंभीर पहल की मांग की है। उन्‍होंने कहा है कि उपलब्‍ध 15 करोड़ की आरंभिक राशि भले ही अभी अपर्याप्‍त लगे लेकिन एक शुरूआत तो की जानी चाहिए। श्री नथवाणी ने इस प्रंसंग में गुजरात की साबरमती नदी के विकास और वहां के कई शहरों में मौजूद खूबसूरत झीलों में किये गए सौंदर्यीकरण का उदाहरण दिया है। मुख्‍य सचिव को लिखे पत्र में श्री नथवाणी ने झारखंड सरकार को भरोसा दिलाया है कि हरमू के सौंदर्यीकरण के लिए वे स्‍वयं भी पूरा सहायोग और समर्थन देंगे। इससे पहले भी सांसद श्री नथवाणी ने रांची के श्‍मशान घाट के निकट बह रही हरमू नदी को स्‍वच्‍छ और सुंदर बनाने का प्रयास किया है। उन्‍होंने नदी के दोनों किनारों पर गुजरात से मंगाकर बड़े-बड़े पेड़ लगवाये। आसपास में कई निर्माण करवाये हैं। हरमू नदी के जीर्णोद्धार को लेकर सांसद नथवाणी ने केंद्रीय जल संसाधन मंत्री सुश्री उमा भारती को भी पत्र लिखकर पहल का अनुरोध किया है।

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